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120 साल पहले कांगड़ा में आज ही के दिन आया था विनाशकारी भूकंप

शिमला. ताइवान की राजधानी ताइपे में बुधवार सुबह बड़ा भूकंप आया. यहां पर जानमाल का काफी ज्यादा नुकसान हुआ है. हालांकि, अब तक चार लोगों की मौत की खबर है. लेकिन राहत और बचाव जारी है. साथ ही अब सुनामी का अलर्ट भी जारी किया गया है. ऐसे में हम आपको आज से 120 साल पहले हिमाचल प्रदेश में आए विनाशकारी भकूंप के बारे में बताने जा रहे हैं. गुरुवार को धर्मशाला में जिला प्रशासन की तरफ से जागरूकता कार्यक्रम करवाया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में आज से 120 साल पहले 1905 में आज ही के दिन चार अप्रैल को एक विनाशकारी भूकंप आया था. इस दौरान कांगड़ा तबाह हो गया था.

इसकी दुलर्भ तस्वीरें हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन ने शेयर की हैं. आपदा प्रबंधन ने लिखा की चार अप्रैल 1905 का वह दिन था. सुबह के करीब 6 बजर 19 मिनट हुए थे. इस दौरान धरती डोलने लगी और फिर सुबह कुछ तहस-नहस हो गया. 8 रिएक्टर स्केल पर यह भकूंप आया था. इस दौरान करीब दो मिनट तक लोग झटके महसूस करते रहे. आपदा प्रबंधन ने बताया कि इस दौरान करीब 20 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई थी. भकूंप की वजह से 53 हजार पशुओं की भी जान चली गई थी. साथ ही एक लाख के करीब घर गिर गए थे.

कांगड़ा में भकूंप की वजह से प्रसिद्ध ब्रजेश्वरी मंदिर को भी नुकसान हुआ था. इसका गुंबंध भी गिर गया था. आज भी यहां पर कई मंदिर ढेड़े हैं. मंदिर को यहां पर काफी नुकसान पहुंचा था. कांगड़ा में आए इस भूकंप से प्रसिद्ध कांगड़ा किला को भी काफी नुकसान हुआ था. यहां पर किले की दीवारे गिर गई थी. अब इस किले को देखने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं. यह किला अब जर्जर हालत में है. भूंकप की वजह से कांगड़ा के पालमपुर का बाजार भी पूरी तरह से खत्म हो गया था. बाद में इस शहर के बाजार को दोबारा बसाया गया था. इसी तरह कांगड़ा के धर्मशाला में भी भारी नुकसान हुआ था. यहां पर मैक्लोडगंज में चर्च का एक हिस्सा गिर गया था. साथ ही धर्मशाला जेल भी धराशाई हो गई थी. धर्मशाला से पांच किलो मीटर दूर घरो गांव में 200 लोगों की मौत हुई थी. इसके अलावा, धर्मशाला का कोतवाली बाजार भी पूरी तरह से खत्म हो गया था. तस्वीर कोतवाली बाजार की है. अब यहां पर दोबारा बाजार बन गया है. हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा में विनाशकारी भकूंप आया था. लेकिन उसके बाद कोई बड़ा भकूंप नहीं आया है. हालांकि, हिमाचल में लगातार भकूंप आते रहते हैं और जोन-4 और 5 में हिमाचल के शिमला, मंडी, चंबा आते हैं. चंबा में ही हिमाचल प्रदेश में सबसे अधिक भूकंप आते हैं. लाहौल स्पीति में 1 अप्रैल की रात को हल्का भूंकप आया था.

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