भरमौर (महिंद्र पटियाल/संवाददाता),
जन -जातीय क्षेत्र भरमौर की ग्राम पंचायत पूलन मे पहली बार नए प्रयोग के तहत (देसी नस्ल) की बकरी व बकरे लोगों में वितरित किए गए | पंचायत प्रधान अनिता कपूर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को ग्राम पंचायत पूलन में पहली बार (देसी नस्ल) की बकरी व बकरे अनुसूचित जनजाति उपयोजना के तहत 12 अति निर्धन (बी,पी,एल,)गरीब परिवारों को प्रति परिवार (4 बकरी व 1बकरे) को वितरित किया गया | भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय केन्द्र पालमपुर के सौजन्य से प्रति परिवार 70,000 रू० व इसकी कुल लागत 8,40,000 है व इसके साथ पशु आहार का भी वितरण किया गया | इससे पहले विदेशी नस्ल की बकरी व बकरे दिए जाते थे लेकिन यह विदेशी नस्ल हमारे वातावरण के अनुसार ज्यादा दिन जिंदा नहीं रह पाते थी जिसे की प्रधान ग्राम पंचायत पूलन के विशेष आग्रह पर देसी नस्ल की बकरी व बकरे अपनी पंचायत में वितरित करवाए गए हैं व सभी लाभार्थियों को पांच दिवसीय निशुल्क ट्रेनिंग के लिए भी पालमपुर भेजा गया है | उन्होंने बताया कि मुझे इस बात की बहुत ही खुशी है कि पूलन पंचायत के व्यापारी वीर सिंह द्वारा बेची गई 60 बकरियों को पूलन पंचायत के गरीब परिवारों को बांटा गया बेचने वाला भी पूलन का ही व्यापारी है और इसका लाभ लेने वाले भी 12 (BPL) परिवार भी पूलन पंचायत के ही हैं | उन्होंने सभी लाभार्थियों से अपील की है कि वह अपनी आर्थिकी सुदृढ़ीकरण के लिए इस व्यवसाय को आगे बढ़ाए |
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