QR कोड और ऑनलाइन भुगतान प्रणाली में हेरफेर से मंदिर न्यास को लगाया वित्तीय चूना, पुलिस जांच में जुटी

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अक्की रत्न ऊना।

चिंतपूर्णी। विश्व प्रसिद्ध श्री माता चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शुरू की गई ‘सुगम पास’ प्रणाली में सेंधमारी का बड़ा मामला सामने आया है। असामाजिक तत्वों ने क्यूआर कोड और ऑनलाइन भुगतान प्रणाली में कथित तौर पर हेरफेर कर मंदिर न्यास को वित्तीय नुकसान पहुंचाया। मंदिर अधिकारी संजीव कुमार की शिकायत पर पुलिस थाना चिंतपूर्णी में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।मंदिर प्रशासन को इस फर्जीवाड़े का पता उस समय चला, जब 19 जून 2026 के कंप्यूटर आंकड़ों की जांच की जा रही थी। जांच के दौरान सामने आया कि कई सुगम पास के लिए क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान दर्शाया गया था, लेकिन रिकॉर्ड का मिलान करने पर कई पासों में एक ही लेन-देन पहचान संख्या और एक ही मोबाइल नंबर दर्ज पाया गया।डिजिटल भुगतान प्रणाली में प्रत्येक लेन-देन की अलग और विशिष्ट पहचान संख्या होती है। ऐसे में एक ही लेन-देन पहचान संख्या का अलग-अलग पासों के लिए बार-बार दर्ज होना प्रथम दृष्टया तकनीकी छेड़छाड़ या योजनाबद्ध धोखाधड़ी की ओर इशारा करता है। प्रारंभिक जांच में मंदिर प्रशासन ने केवल 19 जून के रिकॉर्ड से ही करीब 80 संदिग्ध लेन-देन पकड़े हैं।आशंका जताई जा रही है कि यह फर्जीवाड़ा लंबे समय से चल रहा हो सकता है। जांच में यह संभावना भी सामने आई है कि श्रद्धालुओं से नकद राशि लेकर सिस्टम में फर्जी लेन-देन पहचान संख्या दर्ज कर सुगम पास जारी किए जा रहे थे। इससे मंदिर न्यास के कोष को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचने की आशंका है।पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच साइबर विशेषज्ञों की मदद से की जा रही है। कंप्यूटर प्रणाली संचालित करने वाले कर्मचारियों और सॉफ्टवेयर उपलब्ध करवाने वाली एजेंसी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा फर्जीवाड़े में इस्तेमाल मोबाइल नंबर और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है।

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