कुल्लू(पूजा ठाकुर/संवाददाता),
देव श्री धामणी छमाहूं 1972 के बाद पहली बार अठारह करडु की सौह ढालपुर पहुंचे। यहां पहुंचने पर देवता सबसे पहले अपने बड़े भाई देव श्रीबड़ा छमाहूं के स्थान पर गए और यहां देउली कार्यवाही की। इसके बाद देवता पल्दी छमाहूं के स्थान पर भी गए और देउली कार्यवाही करने के बाद भगवान रघुनाथ जी व अठारह करडु की पैरोल के पास पहुंचे। यहां से देवता कुल्लू के गांधीनगर गए जहां देवता को मन्नत पूरी होने पर बुलाया था। देवता के पुजारी धनेश गौतम व गूर अमर सिंह महंत ने बताया कि 1972 दशहरा गोली कांड के बाद देवता यहां नहीं आए। उसके बाद पहली बार देवता यहां आए हैं। उन्होंने बताया कि देव श्रीबड़ा छमाहूं जब दौरे पर जाते हैं तो धामणी छमाहूं बड़े भाई की गद्दी की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि छमाहूं सृष्टि के रचयिता है और छमाहूं का अर्थ छह देवताओं का समूह। अर्थात ब्रह्मा, विष्णु, महेश, आदीशक्ति शेष। सृष्टि की रचना में छमाहूं का ही मुख्य रोल होता है।
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