मुख्य समाचार

एनएचपीसी द्वारा किया गया पशुपालन एवं सेब पौधारोपण पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

(अवधेश नेगी/न्यूज़ एडिटर चीफ),

पार्बती-II परियोजना की पर्यावरण प्रबंधन योजना के अंतर्गत परियोजना प्रभावित परिवारों के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। इसी क्रम में रैला ग्राम पंचायत के ग्रामीणों के लिए पिछले कल एनएचपीसी द्वारा राज्य पशुपालन विभाग एवं क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण स्टेशन, बजौरा  के सहयोग से क्रमशः पशुपालन एवं सेब पौधारोपण के संबंध में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ग्रामीणों को मवेशियो के पालन, प्रबंधन, पशुओं में होने वाले विभिन्न रोगों व इसके रोकथाम के उपायों की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई । इसके अतिरिक्त ग्रामीणों को मवेशियो के जीवनचक्र के अनुसार संतुलित आहार देने के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। पशु चिकित्सको ने पशुओं के प्रबंधन के बारे मे विस्तार से व्याख्यान दिया और ग्रामीणों के साथ उनके पशु संबंधी समस्याओं पर भी चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में पशु पालन विभाग से डॉ. राहुल भारद्वाज, पशु चिकित्सक एवं सेंज से डॉ. विजेंद्र कुमार, पशु चिकित्सक, पार्बती परियोजना चरण – II से अधिकारीगण सतिंदर सिंह, महाप्रबंधक (सिविल), पी के मल्लिक, ग्रुप वरिष्ठ प्रबंधक (पर्यावरण), राहुल श्रीवास्तव, प्रबंधक (पर्यावरण), एस प्रसन्ना बाबू, उप-प्रबंधक (सिविल) एवं जोगिंदर सोनी, प्रधान रैला ग्राम पंचायत-II, भक्त राम, उप प्रधान एवं पंचायत के सभी वार्डो के पंच व पंचायत से पुरुष एवं महिला प्रतिभागी उपस्थित थे। सभी प्रतिभागियों को पशुओं को निरोग रखने हेतु मुफ्त दवाइयाँ भी वितरित की गई।

क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण स्टेशन, बजौरा के सह निदेशक डॉ. भूपिंदर सिंह ठाकुर एवं वैज्ञानिक डॉ. विजय भारद्वाज द्वारा सेब के पौधे लगाने के लिए गड्ढों से लेकर उनकी काट-छांट, बीमारियों की रोकथाम व स्प्रे संबंधी जानकारी व सावधानियों के बारे में बताया गया। वैज्ञानिकों द्वारा उद्यान विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं के बारे में प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी बागवानी से संबंधित समस्याओं के बारे मे विशेषज्ञों से चर्चा कर समाधान प्राप्त किया। सभी प्रतिभागियों को लगाने हेतु परियोजना द्वारा उन्नत किस्म के सेब के पौधे भी वितरित किये गये। प्रशिक्षण कार्यक्रम मे लगभग 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में जोगिंदर सोनी, प्रधान रैला ग्राम पंचायत-II ने पशुपालन एवं आरएचआरटीएस, बजौरा से आए सभी प्रशिक्षकों का धन्यवाद किया एवं एनएचपीसी को इस कार्यक्रम के आयोजन करने के लिए विशेष धन्यवाद व्यक्त किया। ग्रामीणों द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम को आयोजित करने का अनुरोध किया गया।

Himachal Darpan

Recent Posts

हिमाचल में 29 सितंबर तक बारिश का दौर, 30 सितंबर से मौसम साफ होने की संभावना;

ब्यूरो रिपोर्ट किन्नौर। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के…

16 hours ago

बाल कटवाने गया था अरुण कुमार, फिर कहां हुआ गायब? CCTV में दिखा आखिरी बार, अब तलाश में जुटे परिजन

ब्यूरो रिपोर्ट। ज्वालामुखी। गुम्मर निवासी अरुण कुमार के अचानक लापता होने का मामला सामने आया…

19 hours ago

किन्नौर की चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी, हिमाचल में बारिश का अलर्ट; सिरमौर में ऑरेंज चेतावनी

ब्यूरो रिपोर्ट मौसम विभाग के शिमला केंद्र के अनुसार, प्रदेश में 29 सितंबर तक कई…

2 days ago

सरकारी CBSE स्कूलों में शिक्षक भर्ती पर हाईकोर्ट का अहम फैसला, CTET पास अभ्यर्थी भी पात्र

ब्यूरो रिपोर्ट शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को…

2 days ago

घास काटते समय ढांक से गिरी 60 वर्षीय बीना देवी, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम

ब्यूरो रिपोर्ट चंबा। जिला चंबा की ग्राम पंचायत रजेरा के कैथारी भूई गांव में घास…

2 days ago

पच्छाद के काहन में हादसा, कार-बाइक की टक्कर में युवक की मौत

संध्या कश्यप नाहन। पच्छाद उपमंडल के काहन गांव के पास शुक्रवार देर रात हुए सड़क…

3 days ago