ब्यूरो रिपोर्ट।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून का असर इन दिनों मिला-जुला देखने को मिल रहा है। कहीं झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, तो कई क्षेत्रों में बारिश नहीं होने से उमस और गर्मी बनी हुई है। मौसम विभाग ने सोमवार को चम्बा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए यैलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही प्रशासन ने नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की एडवाइजरी भी जारी की है।रविवार को प्रदेश में सबसे अधिक 35.4 मिलीमीटर बारिश ऊना में दर्ज की गई। बारिश के कारण ऊना के अधिकतम तापमान में 3.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और पारा 30 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा हमीरपुर में 21 मिलीमीटर, नेरी में 12.5 मिलीमीटर, सुंदरनगर में 4.3 मिलीमीटर और शिमला में 2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।बारिश कम होने के कारण सुंदरनगर प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक है। वहीं राजधानी शिमला में अधिकतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस रहने से मौसम सुहावना बना रहा।मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को चम्बा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।पूर्वानुमान के मुताबिक 13 से 18 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इस दौरान भारी बारिश की कोई विशेष चेतावनी नहीं है। अगले चार से पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, जबकि अधिकतम तापमान में 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे कई इलाकों में उमस बढ़ने की संभावना है।प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान उफनते नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित पहाड़ी क्षेत्रों की ओर जाने से बचें तथा मौसम और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।