डिपुओं में सरसों का तेल 160 रुपये लीटर, चीनी और मलका दाल फिर गायब

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ब्यूरो रिपोर्ट।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत प्रदेश के सस्ते राशन डिपुओं में इस महीने उपभोक्ताओं को सरसों का तेल 160 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। पिछले महीने की तुलना में तेल की कीमत में 7 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले डिपुओं में सरसों का तेल 153 रुपये प्रति लीटर उपलब्ध कराया जा रहा था। हालांकि खुले बाजार में यही तेल 220 से 230 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जिससे डिपो उपभोक्ताओं को प्रति लीटर करीब 60 से 70 रुपये तक की राहत मिलेगी।
हालांकि इस बार राहत केवल सरसों के तेल तक ही सीमित रहेगी। प्रदेश के डिपुओं में लगातार दूसरे महीने भी चीनी की आपूर्ति नहीं हो सकी है। पिछले महीने भी अधिकांश डिपुओं में चीनी नहीं पहुंची थी और इस बार भी इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा मलका दाल और रिफाइंड तेल की सप्लाई भी नहीं हो पाई है, जिससे उपभोक्ताओं को आवश्यक खाद्य सामग्री पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो सकेगी।
प्रदेश के हजारों परिवार हर महीने पीडीएस के माध्यम से सस्ता राशन प्राप्त करते हैं। पिछले दो महीनों से सरसों के तेल की आपूर्ति भी प्रभावित रही थी, लेकिन इस बार तेल उपलब्ध होने से उपभोक्ताओं को कुछ राहत जरूर मिलेगी।
प्रदेश डिपो संचालक समिति के अध्यक्ष अशोक कवि तथा शिमला डिपो एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र चौहान ने कहा कि सरकार और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से लगातार मांग की जा रही है कि सभी आवश्यक खाद्य सामग्री एक साथ डिपुओं में उपलब्ध करवाई जाए, लेकिन व्यवस्था में अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है। उनका कहना है कि कभी एक प्रकार की दाल नहीं होती, कभी दूसरी, कभी चीनी की कमी रहती है तो कभी तेल की आपूर्ति प्रभावित हो जाती है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आवश्यक खाद्य सामग्री की अनियमित आपूर्ति के कारण लोगों को एक ही महीने में कई बार राशन डिपो के चक्कर लगाने पड़ते हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले उपभोक्ताओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डिपो संचालकों का कहना है कि जब तक सभी खाद्य वस्तुओं की नियमित और एक साथ आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक उपभोक्ताओं की परेशानी दूर नहीं होगी।

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