खालाक्यार पंचायत में उप-प्रधान चुनाव पर बवाल: नामांकन रद्द, वायरल दस्तावेजों ने खड़े किए सवाल

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नाहन (संध्या कश्यप ,संवाददाता ),

जिला सिरमौर की ग्राम पंचायत खालाक्यार में उप-प्रधान पद के चुनाव को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नाम वापसी के अंतिम दिन एक प्रत्याशी का नामांकन रद्द किए जाने और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं। मामले ने अब पूरे इलाके में राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है।

जानकारी के अनुसार, बेडोन गांव निवासी दलीप कुमार ने खालाक्यार पंचायत से उप-प्रधान पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। जांच के बाद एआरओ अजय प्रकाश ने उनका नामांकन वैध माना और अंतिम सूची में उनका नाम शामिल करते हुए उन्हें “तारा” चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिया था।

विवाद उस समय शुरू हुआ जब अचानक उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद एआरओ अजय प्रकाश की शिकायत पर थाना रेणुका जी में दलीप कुमार के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) और हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अभियोग संख्या 28/26 दर्ज कर लिया गया।

शिकायत के अनुसार, दोपहर करीब 2:38 बजे दलीप कुमार ने नामांकन वापस लेने की इच्छा जताई थी। आरोप है कि जब उन्हें नाम वापसी से संबंधित प्रपत्र-22 दिखाया गया, तो उन्होंने सरकारी दस्तावेज फाइल से छीन लिया और वहां से चले गए। एआरओ ने इसे सरकारी कार्य में बाधा बताते हुए कार्रवाई की मांग की।

हालांकि, इस पूरे मामले में एक वायरल दस्तावेज ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई ‘निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची’ यानी प्ररूप-24 की तस्वीर में 15 मई 2026 की तारीख और रिटर्निंग अधिकारी के हस्ताक्षर स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। इस सूची में क्रम संख्या-2 पर दलीप कुमार का नाम दर्ज है और उन्हें “तारा” चुनाव चिन्ह भी आवंटित दिखाया गया है।

सबसे अहम बात यह है कि इस दस्तावेज की डिजिटल तस्वीर का टाइमस्टैम्प शाम 4:47 बजे का बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि यदि दोपहर 3 बजे नाम वापसी की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी थी और 2:38 बजे दस्तावेज छीनने की घटना हो चुकी थी, तो फिर शाम करीब पौने पांच बजे जारी सूची में दलीप कुमार को अंतिम उम्मीदवार के रूप में कैसे दर्शाया गया?

इसी विरोधाभास को लेकर अब चुनाव अधिकारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर, दलीप कुमार ने खुद पर लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी और राज्य चुनाव आयोग को शिकायत भेजी है। उनका आरोप है कि विपक्षी उम्मीदवारों की ओर से उन्हें और उनके प्रस्तावक पर निर्विरोध चुनाव करवाने के लिए मानसिक और राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा था।

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने भी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। दलीप कुमार और उनके समर्थकों ने मतदान केंद्र की सीसीटीवी फुटेज और व्हाट्सएप रिकॉर्ड की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। फिलहाल रेणुका जी पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। चुनाव से ठीक पहले सामने आए इस विवाद ने खालाक्यार पंचायत सहित पूरे क्षेत्र में सियासी हलचल तेज कर दी है।

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