ब्यूरो रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की भागीदारी को देखते हुए 17 अगस्त को प्रदेश के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है। इसके साथ ही घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुपालन, पर्यावरण और प्रशासनिक सुविधाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।निहारी में वन महोत्सव का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने वन मित्रों का मासिक मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष वन महोत्सव के तहत प्रदेश में 7,000 हेक्टेयर भूमि पर 50 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे।दधोल में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने भराड़ी उपतहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने की घोषणा की। इसके अलावा हटवाड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों के दो अतिरिक्त पद सृजित करने और तड़ौन पंचायत में नया पशु औषधालय खोलने का ऐलान किया।शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं में एमबीए, एमसीए और एमटीए तथा राजकीय महाविद्यालय घंडावली में बीबीए और बीसीए की कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अब तक 6,000 से अधिक नियुक्तियां की जा चुकी हैं और आने वाले समय में 4,000 शिक्षकों की और भर्ती की जाएगी।मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित परिवारों के लिए भी बड़ी राहत का जिक्र किया। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों का मुआवजा वर्ष 2023 के 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 8.50 लाख रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित परिवारों के साथ सरकार मजबूती से खड़ी है।अंतर्राज्यीय मामलों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बीबीएमबी से जुड़े करीब 7,200 करोड़ रुपये के बकाया एरियर के दावे को सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से उठा रही है। वहीं, वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले में सरकार की जीत से हिमाचल को करीब 450 करोड़ रुपये की संपत्ति वापस मिली है और इससे राज्य को सालाना लगभग 20 करोड़ रुपये की आय हो रही है।इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा, कांग्रेस नेता विवेक कुमार, एचपी वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, प्रधान मुख्य अरण्यपाल संजय सूद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।