ब्यूरो रिपोर्ट।
कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में शराब ठेकों पर निर्धारित कीमत से अधिक वसूली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। आबकारी विभाग की कार्रवाई के बावजूद मनमाने दाम वसूलने के मामलों पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है। अब रानीताल स्थित शराब ठेके पर MRP से अधिक कीमत पर बीयर बेचने के मामले में उपभोक्ता फोरम ने कड़ा फैसला सुनाया है।मामला योल कैंट, धर्मशाला निवासी अंशुल से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार 27 अप्रैल 2026 को अंशुल ने रानीताल स्थित शराब ठेके से बीयर की एक बोतल खरीदी। बोतल पर 155 रुपये MRP अंकित थी, लेकिन सेल्समैन ने इसके बदले 230 रुपये वसूल किए। यानी ग्राहक से एक बोतल पर 75 रुपये अधिक लिए गए।रसीद मांगने पर भी नहीं दीअंशुल ने जब MRP से अधिक पैसे लेने पर आपत्ति जताई और खरीद की रसीद मांगी, तो शिकायत के मुताबिक सेल्समैन ने रसीद देने से इनकार कर दिया। अधिक कीमत वसूलने का कारण पूछने पर सेल्समैन ने कथित तौर पर कहा कि वह दुकान संचालक के निर्देश पर ही अधिक राशि ले रहा है।इसके बाद उपभोक्ता ने मामले को उपभोक्ता फोरम के समक्ष उठाया।75 रुपये वापस करने के साथ 12,500 रुपये अतिरिक्तमामले की सुनवाई के बाद उपभोक्ता फोरम ने शराब विक्रेता और दुकान संचालक को संयुक्त रूप से 75 रुपये की अतिरिक्त वसूली वापस करने का आदेश दिया। इसके साथ ही शिकायतकर्ता को हुई परेशानी के लिए 5,000 रुपये मुआवजा और 7,500 रुपये मुकदमा खर्च देने के निर्देश दिए गए हैं।फोरम ने अतिरिक्त वसूली गई 75 रुपये की राशि पर शिकायत दर्ज होने की तारीख से भुगतान तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी आदेश दिया है।यह फैसला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की खंडपीठ ने सुनाया।कार्रवाई के बावजूद नहीं थम रही मनमानीकांगड़ा जिले में शराब ठेकों पर निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने के आरोपों के बीच यह फैसला अहम माना जा रहा है। पिछले दिनों आबकारी विभाग ने भी नियमों की अनदेखी करने वाले कई शराब ठेकों पर कार्रवाई की थी और कुछ ठेकों को एक-दो दिन के लिए सील तक किया गया था।रानीताल का यह मामला यह संदेश देता है कि MRP से अधिक राशि वसूलने पर उपभोक्ता शिकायत कर सकता है और मामला उपभोक्ता फोरम तक भी पहुंच सकता है। अब देखना होगा कि इस फैसले के बाद जिले में शराब ठेकों पर कीमतों की निगरानी कितनी सख्त होती है।