संध्या कश्यप नाहन।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में लागू किए गए कॉम्प्लेक्स सिस्टम के विरोध में प्राथमिक शिक्षक संघ का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर के शिक्षक शिक्षा निदेशालय शिमला में क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को सिरमौर जिला के शिक्षकों ने भी अपनी बारी के तहत धरना देते हुए सरकार और शिक्षा विभाग से मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग उठाई।प्राथमिक शिक्षक संघ जिला सिरमौर के अध्यक्ष जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि कॉम्प्लेक्स सिस्टम लागू होने के बाद जेबीटी शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित हुई है, जिससे लंबे समय से सेवाएं दे रहे अनेक शिक्षक पदोन्नति से वंचित रह गए हैं। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के कारण कई व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न हुई हैं, जिनका समाधान सरकार को प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए।उन्होंने बताया कि कॉम्प्लेक्स सिस्टम के अलावा शिक्षकों की करीब दो दर्जन अन्य लंबित मांगें भी लंबे समय से सरकार के समक्ष रखी गई हैं, लेकिन अब तक उन पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी कारण शिक्षक आंदोलन करने को मजबूर हुए हैं।संघ के अनुसार, 11 जुलाई को जिला कांगड़ा से शुरू हुई “प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय यात्रा” का समापन 26 जुलाई को शिमला के चौड़ा मैदान में हुआ था। इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों के शिक्षक क्रमवार शिक्षा निदेशालय में धरना और क्रमिक अनशन कर रहे हैं।शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि 5 अगस्त को शिक्षा विभाग के साथ प्रस्तावित बैठक में उनकी मांगों पर सकारात्मक चर्चा होगी। हालांकि संघ ने स्पष्ट किया कि यदि बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर इसे और व्यापक रूप दिया जाएगा।प्राथमिक शिक्षक संघ ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य शिक्षकों के हितों के साथ-साथ प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है।क्रमिक अनशन के दौरान प्राथमिक शिक्षक संघ सिरमौर के महासचिव चतर सिंह ठाकुर, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र कश्यप, महालेखाकार सुधीर ठाकुर तथा शिक्षा खंड सुरला के महासचिव रामलाल शर्मा सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।

