8 साल पहले पिता, अब बेटी… सड़क हादसों ने उजाड़ दिया पूरा परिवार

0
110

ब्यूरो रिपोर्ट।

चंबा। चंबा जिले के लाहड़ के समीप हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की उम्मीदें और सपने हमेशा के लिए छीन लिए। हादसे में जान गंवाने वाली 23 वर्षीय कीर्ति चंडीगढ़ में रहकर वकालत की पढ़ाई कर रही थी। वह अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में शामिल होने और अपने परिवार के साथ कुछ यादगार पल बिताने के लिए अपने चाचा के साथ कार से घर लौट रही थी। घर पर उसका छोटा भाई विशाल बहन के इंतजार में उत्साहित था। दोनों ने मेले में घूमने और खरीदारी की कई योजनाएं बनाई थीं, लेकिन लाहड़ के पास हुए हादसे ने उन सभी सपनों को एक पल में बिखेर दिया।8 साल पहले सड़क हादसे में खो दिए थे पिताइस परिवार की त्रासदी यहीं खत्म नहीं होती। करीब आठ वर्ष पहले कीर्ति के पिता केसर सिंह की भी एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। पति के निधन के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी मां सुदर्शना के कंधों पर आ गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत सुदर्शना ने सीमित आय और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद अपने दोनों बच्चों की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी और उन्हें बेहतर भविष्य देने के लिए हर संघर्ष किया।मां का सहारा बनने का सपना रह गया अधूराकीर्ति बचपन से ही मेधावी छात्रा थीं। वह अपनी मां के संघर्षों को करीब से देखती थीं और वकील बनकर मां का सहारा बनने तथा परिवार का नाम रोशन करने का सपना संजोए हुए थीं। मां भी बेटी को आत्मनिर्भर और सफल देखना चाहती थीं, लेकिन इस हादसे ने वर्षों की मेहनत, संघर्ष और उम्मीदों को एक झटके में खत्म कर दिया।पार्थिव शरीर पहुंचते ही गम में डूबा पूरा गांवजिस बेटी के स्वागत की तैयारियां घर में चल रही थीं, उसी बेटी का पार्थिव शरीर जब गांव पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही गांव के लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचने लगे। मां सुदर्शना और भाई विशाल का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि इस परिवार पर नियति ने ऐसा दुखों का पहाड़ तोड़ा है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here