नाहन ( संध्या कश्यप , संवाददाता ),
हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने वाले कानून पर उच्च न्यायालय द्वारा लगाए गए अंतरिम स्थगन आदेश (Stay Order) को हटवाने के लिए केंद्रीय हाटी समिति ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में आज बलदेव सिंह तोमर के नेतृत्व में हाटी समिति के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय हाटी समिति के साथ-साथ शिमला, शिलाई, कफोटा और राजगढ़ हाटी यूनिटों के वरिष्ठ सदस्यों सहित हाल ही में नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्य भी विशेष रूप से शामिल रहे।मुलाकात के दौरान राज्यपाल के समक्ष शिमला उच्च न्यायालय में लंबे समय से चल रही हाटी जनजाति कानून की सुनवाई और न्यायालय के अंतरिम स्थगन आदेश से उत्पन्न स्थिति को प्रमुखता से रखा गया। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को अवगत कराया कि इस रोक के कारण पिछले करीब ढाई वर्षों से हाटी समुदाय, विशेषकर बेरोजगार युवाओं और विद्यार्थियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वे इस कानून के तहत मिलने वाले लाभों और अवसरों से वंचित हैं।
प्रतिनिमंडल ने महामहिम से विशेष आग्रह किया कि कानूनी प्रावधानों के अनुसार केंद्र सरकार के माध्यम से इस अंतरिम स्थगन आदेश को जल्द से जल्द ‘वेकेट’ (निरस्त) करवाने के लिए हाटी समुदाय का सहयोग किया जाए, ताकि क्षेत्र के युवाओं को उनका हक मिल सके।
महामहिम राज्यपाल ने हाटी प्रतिनिधिमंडल की पूरी बात को अत्यंत गंभीरता और आत्मीयता के साथ सुना। उन्होंने समुदाय को हो रहे नुकसान पर चिंता व्यक्त की और इस कानूनी अड़चन को दूर करने के लिए केंद्र सरकार से जल्द संपर्क साधने तथा उचित कदम उठाने का ठोस आश्वासन दिया।
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