ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल में बुधवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां नियमित टीकाकरण के कुछ घंटों बाद 45 दिन की एक मासूम बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं, जबकि परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है।जानकारी के अनुसार संजौली निवासी कियांशी को बुधवार सुबह करीब 11 बजे उसके माता-पिता नियमित 6 सप्ताह के टीकाकरण के लिए डीडीयू अस्पताल लेकर गए थे। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा निर्धारित वैक्सीन लगाए जाने के बाद बच्ची को करीब आधा घंटा निगरानी में रखा गया। सब कुछ सामान्य होने पर परिजन उसे घर ले गए।परिजनों का आरोप है कि दोपहर करीब 2 बजे बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसका शरीर सुन्न पड़ने लगा और नाक से खून बहने लगा। घबराए परिजन बच्ची को तुरंत आईजीएमसी शिमला के आपातकालीन विभाग लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए और सीपीआर भी दिया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।शाम को आईजीएमसी के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग में बच्ची के शव का पोस्टमार्टम किया गया। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। चिकित्सकों ने मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए बिसरा सुरक्षित रख लिया है, जिसे जांच के लिए एफएसएल जुन्गा भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शिशुओं को 45 दिन की आयु में पेंटावेलेंट, इंजेक्टेबल पोलियो और न्यूमोकोकल वैक्सीन के साथ रोटा वायरस और ओरल पोलियो की खुराक दी जाती है। हालांकि अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि बच्ची की मौत का संबंध टीकाकरण से है या नहीं।घटना के बाद परिवार में शोक की लहर है। महज 45 दिन पहले घर में आई खुशियों के बीच इस हादसे ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। आईजीएमसी में पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।एएसपी अभिषेक ने बताया कि परिजनों की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

