ब्यूरो रिपोर्ट
ऊना जिला के प्रमुख उद्योगपति एवं समाजसेवी डा. महिंद्र शर्मा ने आस्था के प्रमुख केंद्र बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम के लिए बड़ा योगदान देते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को एक करोड़ एक लाख रुपए का दान दिया है। यह राशि श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के उद्देश्य से प्रदान की गई है।डा. शर्मा ने यह चेक केदारनाथ मंदिर परिसर में समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को औपचारिक रूप से सौंपा। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सीमित यात्रा सीजन में देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर ठहरने, भोजन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दान का उद्देश्य सरकारी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना और श्रद्धालुओं की निजी महंगी सेवाओं पर निर्भरता को कम करना है।डा. महिंद्र शर्मा, जो स्वयं भी मंदिर समिति के सदस्य हैं, इससे पहले वर्ष 2018 में लगभग तीन करोड़ रुपए की लागत से केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में चांदी का आवरण लगवा चुके हैं। इसके अतिरिक्त वर्ष 2023 में उन्होंने मंदिर परिसर में एक अत्याधुनिक ग्लास हाउस भी दान किया, जो अत्यधिक ठंडे तापमान में भी टिकाऊ है और दान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।धार्मिक सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान यहीं तक सीमित नहीं है। उन्होंने माता वैष्णो देवी में अटूट लंगर सेवा (2024 से 2030 तक प्रत्येक गुरुवार) का संकल्प लिया है और दुर्गा भवन निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए का दान भी दिया है।इसके अलावा, अपने पैतृक जिला ऊना में स्थित मां चिंतपूर्णी मंदिर के गर्भगृह को चांदी से सजाने के लिए भी उन्होंने लगभग तीन करोड़ रुपए का योगदान दिया है।बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस दान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल अन्य उद्योगपतियों को भी धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में आगे आने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस राशि का उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और बेहतर बनाने में किया जाएगा।61 वर्षीय डा. महिंद्र शर्मा ऊना जिला के बढेड़ा राजपूतां गांव से संबंध रखते हैं और ANS Constructions Private Limited के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक हैं। उनकी कंपनी रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्रों में अग्रणी मानी जाती है। विज्ञान स्नातक, एमबीए और डॉक्टरेट डिग्रीधारी डा. शर्मा समाजसेवा की समृद्ध परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।

