शिलाई के रोनहाट कस्बे के HRTC चालक कमल ठाकुर वीरवार सुबह 6:00 बजे नाहन-कूहंट रूट पर बस लेकर निकले थे। सब कुछ सामान्य था। नाहन से ददाहू तक के 35 किलोमीटर रास्ते पर सफर करते हुए उनको घर से कई बार फोन आए, लेकिन फोन नहीं उठा सके। ददाहू बस अड्डे पहुंचने पर उन्हें पिता टेकचंद ठाकुर के देहांत की जानकारी मिली। परिचालक सचिन को जैसे ही ये बात पता चली तो उन्होंने तुरंत टैक्सी वाले को बुलाया और कमल को बस छोड़कर टैक्सी से घर जाने की बात कही। कहा कि घर में आपका सभी इंतजार कर रहे होंगे।
टैक्सी लेने से ठीक पहले अचानक कमल ने पीछे मुड़कर बस की तरफ देखा जो बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य सवारियों से पूरी भरी थी और परिचालक से पूछा, अब इस बस को गंतव्य तक कौन पहुंचाएगा। इस बस के लिए चालक की व्यवस्था नहीं हो सकेगी। कमल ने आंसू पोंछे और बोला कि बस में बैठे लोग भी किसी न किसी मजबूरी और जरूरी काम से जा रहे होंगे। सवारियों को गंतव्य तक पहुंचाकर ही पिता का अंतिम संस्कार करूंगा। इस बात को सुनने के बाद परिचालक की आंखें भी नम हो गईं। सवारियों को भी जब यह बात पता चली तो उनका दिल पसीज गया
ब्यूरो रिपोर्ट किन्नौर। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के…
ब्यूरो रिपोर्ट। ज्वालामुखी। गुम्मर निवासी अरुण कुमार के अचानक लापता होने का मामला सामने आया…
ब्यूरो रिपोर्ट मौसम विभाग के शिमला केंद्र के अनुसार, प्रदेश में 29 सितंबर तक कई…
ब्यूरो रिपोर्ट शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को…
ब्यूरो रिपोर्ट चंबा। जिला चंबा की ग्राम पंचायत रजेरा के कैथारी भूई गांव में घास…
संध्या कश्यप नाहन। पच्छाद उपमंडल के काहन गांव के पास शुक्रवार देर रात हुए सड़क…