निरमंड (लीला चन्द जोशी/संवाददाता),
हिमाचल किसान सभा खंड इकाई निरमण्ड की बैठक आज किसान मजदूर भवन निरमण्ड मे किसान सभा निरमण्ड ब्लॉक के अध्यक्ष देवकी नंद की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में निरमण्ड ब्लॉक मे आम जनता से जुड़े हुए मुद्दों पर चर्चा की गई तथा संगठन को मजबूत करने को लेकर भी चर्चा की गई। किसान सभा निरमण्ड ब्लॉक के अध्यक्ष देवकी नंद व महासचिव जगदीश ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लागू की जा रही नवउदारवादी नीतियों से आज कृषि संकट बढ़ गया है।इन नीतियों के कारण कृषि व बागवानी मे प्रयोग की जाने वाली खाद, दवाई, बीज के दाम में तो लगातार बृद्धि हो रही परंतु किसान जो पैदा करता है उसको उसकी फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा है। जिसके कारण किसानी घाटे का सौदा बन रही है और किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। केंद्र की सरकार ने किसानों से वादा किया था कि किसानों को उसकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य डॉ. स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर दिया जायेगा ओर किसानों की आय 2022 मे दोगुना करने का वादा किया था परंतु ना तो किसानों को न्यूनतम समर्थनमूल्य मिला ओर ना ही किसानों की आय दोगुना हुई है। जो कि देश के करोड़ों किसानों के साथ केंद्र सरकार ने ठगने का काम किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के बजट में भी कमी कर मनरेगा कानून को कमजोर किया है जिसके कारण मनरेगा में रोजगार नहीं मिल रहा है और जहां रोजगार मिल भी रहा है वहां पर मनरेगा मजदूरों को समय पर मजदूरी नही मिल रही है। वही जिन मजदूरों का पंजीकरण श्रमिक कल्याण बोर्ड में हुआ था जिनको इस बोर्ड से छात्रवृत्ति, मेडिकल सुविधा, विवाह व पेंशन, डिलीवरी आदि के लिये सहायता मिलती थी वो भी पिछले दो साल से प्रदेश सरकार ने रोक कर रखी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने भी हाल ही मे पेश किये गए बजट में किसानों, मजदूरों व दूध उत्पादकों को अनदेखा किया है बजट में दूध के दाम में कोई भी बढ़ोतरी नही की गई है जिससे कि इस सरकार का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है जबकि इस सरकार ने चुनाव के दौरान जनता से वादा किया था कि हम किसानों से दूध 80 व 100 रुपये प्रति लीटर लेंगे। उन्होंने कहा कि निरमण्ड ब्लॉक में सड़कों की हालत बहुत ही दयनीय है।सड़कों मे गड्ढे ही गड्ढे हैं।आने वाले समय मे सेब का सीजन शुरू होने वाला है अगर सड़कों की यही हालत रही तो ग्रामीण क्षेत्र मे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि निरमण्ड ब्लॉक में संगठन को मजबूत किया जाएगा और स्थानीय मुद्दों को चिन्हित कर संघर्ष किया जाएगा।बैठक में निर्णय लिया गया कि 15 मई को निरमण्ड मे सड़कों की खस्ता हालत और बसों की समस्याओं को लेकर 24 घंटे का क्रमिक अनशन किया जाएगा। बैठक में पूरण ठाकुर, पदम, तारा चंद, पुने राम, दौलत राम, दुर्गा नंद, उषा देवी, फुला देवी, रमेश चंद, श्याम लाल, राजकुमारी, टेकचंद आदि शामिल थे।
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