भरमौर (महिंद्र पटियाल/संवाददाता),
जन-जातीय क्षेत्र भरमौर में गत वर्ष बागवानों की उम्मीद के बराबर बर्फबारी नहीं हो रही है। जनवरी माह भी खत्म होने को है जिसके बाद अगर बर्फबारी होती भी है तो बागवानों को उसका फायदा नहीं होगा। विदित रहे कि जन -जातीय क्षेत्र भरमौर में सेब की काफी अच्छी पैदावार होती है ज्यादा तर लोग इसी व्यवसाय पर निर्भर है जिससे की वो अपने परिवारों का भरण पोषण करते हैं। मणिमहेश यात्रा के दौरान भी बागवानों का सेब भरमौर में ही काफी अच्छे दामों पर बिक जाता है। स्थानीय बागवानों में तिलक राज शर्मा, सुरेश ठाकुर, विनोद कुमार, जीत कपूर, राज कुमार, मिलाप पटियाल का कहना है कि गत वर्ष मौसम की बेरुखी से बागवानों को निराशा ही हाथ लग रही है। दिसंबर से बर्फवारी का इंतजार करते बागवानों का जनवरी माह भी हाथों से निकलते हुए जा रहा है। जो नाममात्र बर्फबारी अभी क्षेत्र में हुई है उसका लाभ बागवानों को मिलने वाला नहीं है क्योंकि सेब के पौधों के लिए चिलिंग आवर्ज का समय पूरा करने के लिए ज्यादा बर्फबारी का होना अति आवश्यक है।
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