भरमौर (महिंद्र पटियाल/संवाददाता),
विकास खंड स्तर पर चल रहे जेंडर अभियान के तहत होली तहसील में शनिवार को वन-विभाग के विश्राम गृह होली में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में बने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता क्षेत्रीय समन्वयक संजय कुमार विकासखंड भरमौर द्वारा की गई, जिसमें महिला एवं बाल विकास अधिकारी भरमौर से उपस्थित विनोद कुमार और आंगनबाड़ी सुपरवाइजर ने भी भाग लिया। उक्त बैठक में लिंग आधारित भेदभाव के खिलाफ महिलाओं को जानकारी प्रदान की गई तथा महिलाओं द्वारा शपथ ग्रहण की गई कि बेटा हो या बेटी दोनों के जन्म पर खुशी मनाएंगे, बेटा हो या बेटी दोनों को समान शिक्षा और विकास का अवसर देंगे। इस तरह लिंग आधारित हिंसा के विरुद्ध अभियान की शुरुआत की गई महिला सशक्तिकरण जरुरी क्यों है। लैंगिक भेदभाव राष्ट्र में सांस्कृतिक सामाजिक आर्थिक और शैक्षिक अंतर ले आता है जो देश को पीछे की ओर धकेलता है। भारत के संविधान में उल्लिखित समानता के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं को सशक्त बनाना सबसे प्रभावशाली उपाय है। इस तरह की बुराईयों को मिटाने के लिये लैंगिक समानता को प्राथमिकता देने से पूरे भारत में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है। महिला सशक्तिकरण के उच्च लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये इसे हर एक परिवार में बचपन से प्रचारित व प्रसारित करना चाहिये। ये जरुरी है कि महिलाएँ शारीरिक मानसिक और सामाजिक रुप से मजबूत हो। इस तरह लिंग आधारित हिंसा के विरुद्ध अभियान में पंचायत स्तर पर भाग लेने का आग्रह भी किया गया।
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