हादसे में पिता-पुत्र की एक साथ उठी अर्थी, बेटी ने दी दोनों को मुखाग्नि; नम आंखों से रोई पूरी पांगी घाटी

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ब्यूरो रिपोर्ट।

लाहौल और पांगी की सीमा पर कडू नाला में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे जनजातीय क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। हादसे में 13 लोगों की मौत हुई, जिनमें पांगी घाटी के घिसल गांव निवासी पिता-पुत्र भी शामिल थे। शनिवार को सौरभ सिंह और उनके पिता बुद्धि सिंह का अंतिम संस्कार सेचनाला स्थित श्मशानघाट में नम आंखों के बीच किया गया।अंतिम यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में मातम पसरा रहा। परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों की आंखें नम थीं। इस दौरान सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब सामने आया, जब परिवार की बड़ी बेटी ने सामाजिक परंपराओं से ऊपर उठकर अपने पिता और छोटे भाई को मुखाग्नि दी।बेटी ने पूरे साहस और धैर्य के साथ अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं और इस कठिन समय में परिवार का संबल बनी। वहां मौजूद लोगों ने उसके साहस को सलाम करते हुए कहा कि आज बेटियां हर जिम्मेदारी निभाने में सक्षम हैं।हादसे के बाद घिसल गांव सहित पूरी पांगी घाटी में शोक की लहर है। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।सड़क सुरक्षा पर उठे सवालकडू नाला हादसे ने जनजातीय क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और दुर्गम मार्गों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ रही है। लोगों ने सरकार से दुर्गम क्षेत्रों की सड़कों को सुरक्षित बनाने और हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।यह हादसा केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरी पांगी घाटी का ऐसा गहरा जख्म बन गया है, जिसे भरने में लंबा समय लगेगा। पिता और पुत्र की एक साथ अंतिम विदाई और बेटी द्वारा दोनों को मुखाग्नि देने का भावुक दृश्य लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा।

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