विकास शर्मा ब्यूरो चीफ शिमला।
शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए कार्यालयी शिष्टाचार और डिजिटल व्यवहार को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कार्मिक विभाग के आदेशों के अनुसार अब कर्मचारियों को तय ड्रेस कोड का पालन करना अनिवार्य होगा, वहीं सोशल मीडिया पर सरकार की नीतियों के खिलाफ बयानबाजी या गोपनीय जानकारी साझा करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। नियमों की अवहेलना करने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।सरकार द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि सभी कर्मचारी कार्यालय में साफ-सुथरे, सादे और पेशेवर कपड़ों में ही उपस्थित हों। पुरुष कर्मचारियों के लिए शर्ट-पैंट या ट्राउजर अनिवार्य किया गया है, जबकि महिला कर्मचारियों को साड़ी, सलवार-कमीज या अन्य शालीन फॉर्मल परिधान पहनने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जींस, टी-शर्ट, कैजुअल वियर और भड़कीले पार्टी वियर पर रोक लगा दी गई है।ड्रेस कोड के साथ-साथ सोशल मीडिया को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। नए नियमों के तहत कोई भी सरकारी कर्मचारी सार्वजनिक मंच पर सरकारी नीतियों पर निजी राय या नकारात्मक टिप्पणी नहीं कर सकेगा। राजनीतिक या धार्मिक बयानबाजी से भी दूरी बनाए रखना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति के किसी भी सरकारी दस्तावेज या जानकारी को साझा करना गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।कार्मिक विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये निर्देश केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 के तहत जारी किए गए हैं। सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और बोर्ड-निगमों के अधिकारियों को इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।सरकार का मानना है कि इन कदमों से सरकारी कार्यालयों में अनुशासन, गरिमा और प्रोफेशनल छवि को और मजबूत किया जा सकेगा।