ब्यूरो रिपोर्ट डेस्क।
राज्य सरकार ने जरूरतमंद परिवारों को दी बड़ी राहत
राज्य सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) सूची की पात्रता शर्तों में अहम संशोधन करते हुए हजारों जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है। नए नियमों के तहत अब वे परिवार भी बीपीएल सूची में शामिल किए जा सकेंगे, जिन्हें पहले पक्का मकान होने या आयु मानदंड के कारण अपात्र घोषित कर दिया गया था।
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव सी पालरासु ने इस संबंध में सभी उपायुक्तों और खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई परिवार विभाग द्वारा निर्धारित अन्य अनिवार्य पात्रता मानदंडों को पूरा करता है, तो उसे केवल पक्का मकान होने के आधार पर बीपीएल चयन प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जाएगा।
15 जनवरी तक बनेगी पात्र परिवारों की सूची
नए निर्देशों के अनुसार एसडीएम की अध्यक्षता में गठित समिति 15 जनवरी तक पात्र परिवारों की सूची तैयार कर उसे अधिसूचित करेगी। इससे पहले अपात्र घोषित किए गए कई परिवारों को दोबारा मौका मिलेगा।
आयु मानदंड में भी अहम संशोधन
सरकार ने बीपीएल पात्रता से जुड़े आयु मानदंड में भी बड़ा बदलाव किया है। पहले जहां 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों की सीमा तय थी, उसे बढ़ाकर अब 27 वर्ष कर दिया गया है। वहीं वयस्क सदस्यों की आयु सीमा पहले 18 से 59 वर्ष थी, जिसे संशोधित कर 27 से 59 वर्ष कर दिया गया है। इस बदलाव से उन परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा, जिनके आवेदन पहले केवल आयु मानदंड के कारण निरस्त कर दिए गए थे।
खारिज आवेदनों की होगी पुनः समीक्षा
आयु छूट के आधार पर पहले खारिज किए गए सभी आवेदनों की दोबारा समीक्षा की जाएगी। यदि किसी परिवार के खिलाफ अन्य कोई अपात्रता नहीं पाई जाती है, तो उसे बीपीएल सूची में शामिल किया जाएगा।
25 जनवरी तक आवेदन का अवसर
संशोधित नियमों के तहत पुराने और नए दोनों तरह के आवेदन 25 जनवरी तक संबंधित खंड विकास अधिकारी कार्यालय में जमा करवाए जा सकते हैं। सभी आवेदनों की जांच के बाद पात्र परिवारों की अंतिम सूची 31 जनवरी तक एसडीएम की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा अधिसूचित की जाएगी।
पहले चरण की सूचियां रहेंगी यथावत
ग्रामीण विकास विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि प्रथम चरण में पूरी हो चुकी चयन प्रक्रिया और सूचियां यथावत रहेंगी। आगामी चरणों के लिए सत्यापन और अपील की प्रक्रिया पूर्व निर्धारित अधिसूचनाओं के अनुसार ही संचालित की जाएगी।
जिला विकास अधिकारी बिलासपुर यशपाल सिंह परमार और बीडीओ परागपुर अशोक कुमार ने नए मानदंडों की पुष्टि करते हुए कहा कि इस फैसले से अब वास्तविक रूप से निर्धन परिवारों को पक्का मकान होने के बावजूद बीपीएल श्रेणी का लाभ मिल सकेगा।
