समर मेला “कमाल की तैयारी” हेतु लाहौल विकास खण्ड की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण का आयोजन

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केलांग ( रंजीत लाहौली , संवाददाता ),

केलांग, 23 जून 2026…..जिला भर में बच्चों की स्कूल पूर्व औपचारिक शिक्षा की तैयारी को सुदृढ़ बनाने और इसमें समुदाय खासकर माताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “महिला एवं बाल विकास विभाग” तथा प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में समर कैंप-2026 ”कमाल की तैयारी“ का आयोजन करने जा रहा है। यह कार्यक्रम जिला की सभी 32 आंगनवाडी केन्द्रों में आयोजित किया जायेगा। इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों के नामांकन एवं नियमित उपस्थिति को बढ़ावा देना तथा उन्हें विद्यालय में प्रवेश के लिए बेहतर रूप से तैयार करना है साथ ही, अभिभावकों की सहभागिता को सुदृढ़ बनाकर बच्चों के समग्र विकास एवं सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना भी इस पहल का महत्वपूर्ण लक्ष्य है।

इसी कड़ी में आज ‘महिला एवं बाल विकास विभाग’ द्वारा प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के सहयोग से समर मेला ”कमाल की तैयारी“ के सफल संचालन हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय, केलंग जिला लाहौल स्पिति में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में लाहौल खण्ड़ की 32 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं 1 पर्यवेक्षक ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण में प्रथम जिला समन्वयक पुरुषोतम ठाकुर एवं सुरेन्द्र शर्मा जी ने लाहौल खण्ड की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम की बारीकियों से अवगत करवाया एवं प्रतिभागियों को बच्चों के विकास के क्षेत्र एवं उनकी तैयारी से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन कर उनकी उपयोगिता समझाई गई। उन्होंने बताया कि काजा खण्ड की आंगनवाड़ी कार्यकताओं के लिए भी जल्द ही प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजित किया जाएगा।

इस अभियान के अंतर्गत सर्वप्रथम चयनित आंगनवाडी केन्द्रों पर समर मेला-1 का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बच्चों एवं उनके अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इन मेलों में समुदाय के 3 से 6 साल के सभी बच्चे एवं उनके अभिभावक खासकर माताएँ भाग लेगीं, मेलों में खेल-खेल के माध्यम से बच्चों के पांच प्रमुख विकास के क्षेत्रों जैसे भाषा विकास, बौधिक विकास, सामाजिक-भावनात्मक विकास, गणित की पूर्व तैयारी तथा शारीरिक विकास पर आधारित मूल्यांकन किया जायेगा और प्रत्येक बच्चे को रिपोर्ट कार्ड दिया जायेगा, इसके उपरांत 4 से 6 सप्ताह की अवधि तक अभिभावकों को व्हाट्सएप संदेश भेजे जायेंगे जिसमे एक कहानी, एक खेल, एक कविता होंगी इससे बच्चों के साथ घर पर किए जाने योग्य आसान, रोचक एवं शिक्षण-सहायक गतिविधियाँ साझा की जाएंगी । अभियान के समापन पर समर मेला-2 आयोजित किया जाएगा, जिसमें बच्चों की सीखने की प्रगति का अवलोकन एवं मूल्यांकन किया जायेगा ।

पर्यवेक्षक सुभाष के अनुसार इस प्रशिक्षण के उपरान्त यह सभी चतानित आँगनवाडी केन्द्रों की कार्यकर्ता अपने-अपने आँगनवाडी केंद्र/समुदाय में कार्यक्रम के विभिन्न आयामों के अनुरूप कार्य करेंगी और अपने पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) की देख-रेख में इस व्यापक आयोजन के माध्यम से आँगनवाडी केन्द्रों में बच्चों की तैयारी में सक्रिय भूमिका निभाएंगी ।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं संचालन में जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय केलंग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूर्ण सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता प्रदान की ।

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