ब्यूरो रिपोर्ट।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से लंबित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कांग्रेस की अंदरूनी सियासत एक बार फिर गरमा गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री और कई कैबिनेट मंत्रियों की दिल्ली में सक्रियता के बाद प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और संभावित फेरबदल की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। अब सभी की नजरें कांग्रेस हाईकमान के अगले कदम पर टिकी हैं।सूत्रों के अनुसार दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई मुलाकातों में प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के साथ मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार और फेरबदल को लेकर भी मंथन हुआ है। मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं से मिले फीडबैक के आधार पर पार्टी नेतृत्व आने वाले दिनों में इस संबंध में अंतिम निर्णय ले सकता है। वहीं, कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के स्तर पर भी मामले को लेकर राय-मशविरा होने की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में हैं।मंत्री पद की संभावित दौड़ में कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर और पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। माना जा रहा है कि अंतिम निर्णय में मुख्यमंत्री की पसंद के साथ-साथ क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन को भी महत्वपूर्ण माना जाएगा।प्रदेश कांग्रेस में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर लंबे समय से अलग-अलग स्तर पर चर्चाएं चलती रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री समेत कई वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली में मौजूदगी ने इन अटकलों को और हवा दे दी है। हालांकि नेता अपने दिल्ली दौरे को व्यक्तिगत अथवा संगठनात्मक कार्यक्रम बता रहे हैं, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं।अब सवाल यह है कि कांग्रेस हाईकमान के साथ होने वाले मंथन के बाद मंत्रिमंडल विस्तार पर फैसला कब तक सामने आता है और किन चेहरों को सरकार में जगह मिलती है। यदि विस्तार या फेरबदल होता है तो इससे प्रदेश की सियासत में नए समीकरण बनने के साथ सरकार के भीतर क्षेत्रीय संतुलन पर भी असर पड़ सकता है।