ब्यूरो रिपोर्ट
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप दिखाने को तैयार है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 15 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 10 और 11 अगस्त को कांगड़ा, सिरमौर और मंडी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बिलासपुर, सोलन, चंबा, कुल्लू और शिमला में येलो अलर्ट रहेगा। 12 से 15 अगस्त तक भी प्रदेश के विभिन्न जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।मौसम विभाग ने इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा जताया है। रविवार को राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई हिस्सों में हल्के बादलों के बीच धूप खिली रही। धर्मशाला और नाहन में हल्की बारिश दर्ज की गई।118 सड़कें यातायात के लिए बंदप्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 118 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इनमें मंडी जिले में सबसे अधिक 44 और कुल्लू में 39 सड़कें बाधित हैं। इसके अलावा 18 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जबकि शिमला जिले के चौपाल क्षेत्र में तीन बिजली ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं।मानसून में 835 करोड़ का नुकसान30 जून को मानसून के दस्तक देने के बाद से प्रदेश में बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से अब तक करीब 835 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। इसमें लोक निर्माण विभाग को सबसे अधिक करीब 615 करोड़ रुपये, जबकि जल शक्ति विभाग को 199 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।हादसों में 155 लोगों की मौतमानसून सीजन के दौरान प्राकृतिक आपदाओं और बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 155 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 87 मौतें सड़क हादसों, 14 भूस्खलन तथा अन्य मौतें करंट लगने और पानी में बहने की घटनाओं में हुई हैं। चंबा जिले में सबसे अधिक 24 मौतें दर्ज की गई हैं।बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से प्रदेश में 63 मकान पूरी तरह और 253 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा करीब 200 मवेशियों की भी मौत हुई है।नदी-नालों से दूर रहने की अपीलमौसम विभाग और प्रशासन ने स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया है। मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से मौसम और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए ही यात्रा करने तथा किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभागों के निर्देशों का पालन करने को कहा है।