केलांग (रंजीत लाहौली ,संवाददाता ),
उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा आज जिला लाहौल के मुख्यालय केलांग में *“मार्केटिंग एंड डिजिटल लिटरेसी एवं डिजिटल टूल्स फॉर ब्रांड बिल्डिंग”, **GeM (Government e-Marketplace) पोर्टल, **MSE-CDP, *PMEGP तथा PMFME योजनाओं विषयक एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों, महिला स्वयं सहायता समूहों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों को डिजिटल सशक्तिकरण, सरकारी खरीद प्रणाली तथा विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
कार्यशाला में केलांग एवं आसपास के क्षेत्रों से विभिन्न उद्योगों, महिला स्वयं सहायता समूहों तथा उद्यमी वर्ग के लगभग 120 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान श्री सोमेश शर्मा, प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, केलांग ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत उपलब्ध वित्तीय सहायता, पात्रता मानदंड एवं स्थानीय उद्यमियों के लिए स्वरोजगार के अवसरों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यशाला के प्रथम तकनीकी सत्र में उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से सुश्री विधिशा शर्मा ने “मार्केटिंग एंड डिजिटल लिटरेसी एवं डिजिटल टूल्स फॉर ब्रांड बिल्डिंग” विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने प्रतिभागियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के प्रभावी उपयोग, डिजिटल ब्रांड निर्माण, ग्राहक जुड़ाव, ऑनलाइन प्रचार-प्रसार तथा आधुनिक डिजिटल उपकरणों के माध्यम से व्यवसाय विस्तार की रणनीतियों से अवगत कराया।
द्वितीय तकनीकी सत्र में सुश्री विधिशा शर्मा ने MSE-CDP (Micro & Small Enterprises – Cluster Development Programme) योजना के विभिन्न प्रावधानों, क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास, उपलब्ध वित्तीय एवं तकनीकी सहायता तथा स्थानीय एमएसएमई इकाइयों के लिए संभावित लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
तृतीय सत्र में सीईएल (CEL) के प्रशिक्षक श्री सरवेश शर्मा ने प्रतिभागियों को GeM पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया, उत्पाद सूचीकरण, सरकारी खरीद प्रणाली में भागीदारी तथा एमएसएमई इकाइयों के लिए उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ सक्रिय संवाद करते हुए अपने व्यवसाय एवं उद्यम स्थापना से संबंधित विभिन्न प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। इससे कार्यक्रम अधिक सहभागितापूर्ण एवं उपयोगी सिद्ध हुआ।
उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के दूरदराज एवं जनजातीय क्षेत्रों में उद्यमिता विकास, डिजिटल सशक्तिकरण तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। विभाग का उद्देश्य स्थानीय युवाओं, महिलाओं एवं उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाकर क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करना है।
