केलांग ( रंजीत लाहौली , संवाददाता ),
लाहौल घाटी के किसान बागवानी फसलों में उर्वरकों एवं कीटनाशकों का प्रयोग मृदा परीक्षण तथा फसल की आवश्यकता के अनुसार करें। रासायनिक उर्वरकों के साथ अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद, कम्पोस्ट एवं जैव उर्वरकों का उपयोग करने से मिट्टी की उर्वरता एवं फसल उत्पादन में सुधार होता है। नाइट्रोजनयुक्त उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग न करें, क्योंकि इससे कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। कीटनाशकों का प्रयोग केवल आवश्यकता होने पर तथा अनुशंसित मात्रा में ही करें। फसलों की नियमित निगरानी, खेत की स्वच्छता, जैविक एवं यांत्रिक नियंत्रण उपायों को प्राथमिकता दें। उर्वरकों एवं कीटनाशकों का संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग उत्पादन लागत कम करने, पर्यावरण संरक्षण, मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने तथा गुणवत्तायुक्त उत्पादन प्राप्त करने में सहायक है।
सुरजीत नेगी रामपुर रामपुर, 9 सितंबर। शिमला पुलिस द्वारा नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा…
ब्यूरो रिपोर्ट। शिमला: शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए…
नरेंद्र कुमार सोलन। सोलन: जिला पुलिस की SIU टीम ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते…
नरेंद्र कुमार सोलन। सोलन: जिला पुलिस की SIU टीम ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई…
संध्या कश्यप नाहन नाहन, 7 सितंबर। नगर परिषद नाहन में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के लिए…
ब्यूरो रिपोर्ट शिमला। संजौली के समिट्री क्षेत्र में बंदर के हमले से बचने के दौरान…