लाहौल-स्पीति ( रंजीत लाहोली , संवाददाता),
जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में मिड डे मील वर्कर्स और आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन ने पंचायती राज चुनावों के दौरान पोलिंग पार्टियों के लिए भोजन तैयार करने की ड्यूटी लगाए जाने का कड़ा विरोध किया है। यूनियन ने जिलाधीश एवं जिला निर्वाचन अधिकारी से आदेशों को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
यूनियन का कहना है कि 26, 28 और 30 मई को होने वाले चुनावों में अधिकांश महिला कार्यकर्ताओं को देर रात तक अकेले भोजन तैयार करना पड़ेगा, जो उनके लिए असुरक्षित और कठिन स्थिति पैदा करता है। उनका कहना है कि कई क्षेत्रों में रात 10 से 11 बजे तक चुनावी ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के लिए खाना बनाना पड़ता है, जिसके बाद उन्हें देर रात अपने घर लौटना पड़ता है।
महिला कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया है कि यदि रात के समय उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा कि शीत मरुस्थल कहलाए जाने वाले इस जनजातीय और दुर्गम क्षेत्र में देर रात आवाजाही करना महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।
यूनियन प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि सरकार की अधिसूचना के अनुसार आंगनबाड़ी वर्कर्स और मिड डे मील वर्कर्स से विभाग के बाहर का कार्य नहीं करवाया जाना चाहिए। इसके बावजूद चुनावी ड्यूटी में भोजन व्यवस्था का कार्य सौंपा गया है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है।
यूनियन ने प्रशासन से महिला सुरक्षा, देर रात ड्यूटी और घर वापसी जैसे मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए आदेशों को तुरंत प्रभाव से वापस लेने की मांग की है।


