(ब्यूरो रिपोर्ट )
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। बुधवार को प्रदेश के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी मौसम खराब बना रह सकता है।
स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने गुरुवार, 11 मई और 12 मई को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार 10 मई से सक्रिय होने वाला नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिसके चलते मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
शिमला, जुब्बरहट्टी, सुंदरनगर, जोत और कांगड़ा सहित कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हुई। पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक 31 मिलीमीटर बारिश संगड़ाह में दर्ज की गई। इसके अलावा शिमला में 18 मिमी, नाहन में 13.2 मिमी, मंडी में 7.6 मिमी, काहू में 7.4 मिमी, बर्थिन में 6.2 मिमी तथा सराहन में 5.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं सोलन, पालमपुर और जटन बैराज में 5.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार सेओबाग क्षेत्र में तेज हवाएं चलीं, जबकि शिमला के ऊपरी इलाकों में छिटपुट ओलावृष्टि से बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें भी सामने आई हैं।
विभाग ने 11 और 12 मई को प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
तापमान की बात करें तो ताबो प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं ऊना सबसे गर्म क्षेत्र रहा, जहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले चार से पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तथा अधिकतम तापमान में 3 से 8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।
