शिमला ( विकास शर्मा ,ब्यूरो चीफ ),
श्री भूपेन्द्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन (एनजेएचपीएस) की टीम को 150 बिलियन यूनिट के संचयी विद्युत उत्पादन की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने पर बधाई दी। देश के सबसे बड़े भूमिगत जलविद्युत स्टेशन, एनजेएचपीएस ने आज इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को पार करते हुए स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में अपने महत्वपूर्ण योगदान तथा नेशनल पावर ग्रिड को सुदृढ़ बनाने में अपनी अहम भूमिका को मजबूत करने की पुष्टि की।
इस अवसर पर श्री भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा श्री अजय कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक) की गरिमामयी उपस्थिति में पावर हाउस में समारोह आयोजित किया गया। एसजेवीएन के वरिष्ठ अधिकारी भी इस समारोह पर उपस्थित रहे।
श्री भूपेन्द्र गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मई 2004 में अपनी कमीशनिंग के उपरांत नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन (एनजेएचपीएस) ने निरंतर उत्कृष्ट प्रचालन विश्वसनीयता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, “यह उत्तरी विद्युत ग्रिड की आधारशिला के रूप में उभरा है, जो भरोसेमंद हरित ऊर्जा उपलब्ध करवाते हुए पीक डिमांड पीरियड में ग्रिड की स्थिरता सुनिश्चित करता है।
उन्होंने आगे बताया कि एनजेएचपीएस के निष्पादन को कई उल्लेखनीय उपलब्धियों द्वारा चिह्नित किया गया है। एनजेएचपीएस ने वित्तीय वर्ष 2011–12 में 7,610.257 मिलियन यूनिट का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक विद्युत उत्पादन दर्ज किया, तत्पश्चात जुलाई 2024 में 1,222.170 मिलियन यूनिट का मासिक रिकॉर्ड उत्पादन हासिल किया गया। इसके अतिरिक्त, 13 अगस्त 2024 को 39.572 मिलियन यूनिट का अब तक का सर्वाधिक दैनिक उत्पादन दर्ज किया गया, जो इसकी अनुकूल हाइड्रोलॉजिक परिस्थितियों का सर्वोत्तम उपयोग करने की क्षमता को भी दर्शाता है।
श्री अजय कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक), एसजेवीएन ने नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन से जुड़े सभी वर्तमान एवं पूर्व कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना ने क्षेत्र में विकास और आर्थिक प्रगति के एक नए युग का आरंभ किया है।
श्री राजीव कपूर, परियोजना प्रमुख, एनजेएचपीएस ने एसजेवीएन प्रबंधन, विद्युत मंत्रालय तथा हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किए गए सहयोग तथा मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने में समस्त हितधारकों, कर्मचारियों, ठेकेदारों, संविदा कर्मियों तथा स्थानीय लोगों के अटूट सहयोग के लिए भी धन्यवाद दिया।
150 बिलियन यूनिट की यह उपलब्धि प्रमुख पर्यावरणीय महत्व भी रखती है, क्योंकि यह जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत उत्पादन के बड़े हिस्से के प्रतिस्थापन तथा इसके परिणामस्वरूप ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी का द्योतक है। इस प्रकार यह स्टेशन भारत के स्वच्छ ऊर्जा ट्रांज़िशन और जलवायु प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
एसजेवीएन द्वारा प्रचालित एनजेएचपीएस में निरंतर व्यवस्थित आधुनिकीकरण, डिजिटल निगरानी तथा उचित रखरखाव प्रक्रियाओं का लाभ मिलता रहा है। विद्युत उत्पादन के अतिरिक्त, इस परियोजना ने रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना के विकास के माध्यम से क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
जैसे-जैसे भारत अपने नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो के विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है, एसजेवीएन की यह उपलब्धि इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रमाण होने के साथ-साथ देश में जलविद्युत की रणनीतिक महत्ता को भी रेखांकित करती है।
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