Categories: Uncategorized

मनरेगा पर केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ सीपीआई(एम) का विरोध, शिमला में प्रदर्शन

शिमला (विकास शर्मा ,ब्यूरो चीफ ),

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी की हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी ने 30 जनवरी से 5 फरवरी तक केंद्र सरकार के मनरेगा के हमलों के विरोध में होने वाले अभियान के तहत प्रदेश के जिला व ब्लॉक मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए। शिमला में रिज मैदान पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के आगे पार्टी ने धरना दिया। इस दौरान देश की एकता अखंडता धर्मनिरपेक्षता संप्रभुता संघवाद आपसी भाईचारे सांप्रदायिक सौहार्द व संविधान की रक्षा करने की शपथ ली गई एवं सांप्रदायिक शक्तियों को अलग थलग करने व सत्ता से बाहर करने का संकल्प लिया गया। इसके उपरांत रिज स्कैंडल पॉइंट शेर ए पंजाब नाज लोअर बाजार होते हुए मोमबत्ती जुलूस का समापन उपायुक्त कार्यालय शिमला पर हुआ।

शिमला में हुए धरने को पार्टी राज्य सचिव संजय चौहान, जिला सचिव विजेंद्र मेहरा लोकल कमेटी सचिव जगत राम ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व में एनडीए की सरकार ने देश में मनरेगा कानून के ऊपर एक बड़ा हमला किया है। एक अधिकार आधारित कानून को एक बजट आधारित योजना में बदल दिया गया है। यह गरीब किसानों, ग्रामीण मज़दूरों व कृषि मज़दूरों के आर्थिक अधिकारों के ऊपर एक बड़ा हमला है। सरकार ने देश में चल रहे कृषि संकट को और बढ़ाने का काम किया है यानी आग में घी डालने का काम किया है। इससे देश में किसानों व कृषि मज़दूरों की आत्महत्याएँ और बढ़ेंगी व कृषि छोड़ने पर किसान मजबूर होंगे।

उन्होंने कहा कि मनरेगा कानून के खिलाफ देश के कॉरपोरेट्स, ग्रामीण भू-स्वामी व धनी लोग शुरू से ही थे क्योंकि यह कानून मांग के आधार पर रोज़गार देता था और 15 दिन के अंदर रोज़गार न मिलने पर आवेदक रोज़गार भत्ता का हकदार था। नवउदारवाद की नीतियाँ इस तरह के कानून जो लोगों की आजीविका बढ़ाने का काम करते हैं और इन पर सार्वजनिक खर्च की विरोधी हैं। ग्रामीण अमीर ग्रामीण गरीबों का ज़्यादा से ज़्यादा शोषण करना चाहते हैं। मनरेगा में वैकल्पिक 100 दिन के रोज़गार के चलते यह शोषण कम हुआ था। इसलिए वे इसका विरोध करते आ रहे थे।

मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार 2014 से ही इस कानून के खिलाफ रही है। इस सरकार ने इस पर कई तरह के हमले किए जैसे मनरेगा के बजट में कटौती, वेतन भुगतान में देरी व प्रशासनिक बाधाएँ डालना, क्योंकि भाजपा सरकार साम्प्रदायिक व नव-उदारवादी गठजोड़ की सरकार है। साथ में ग्रामीण अमीरों की भी समर्थक है, इसलिए इस कानून को कमजोर करके खत्म करना चाहती थी। विकसित भारत रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 यानी वी बी – ग्राम जी को संसद में बिना किसी पर्याप्त बहस के पारित कर लागू कर दिया गया है तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम, 2005 (मनरेगा) को समाप्त कर दिया गया है। मनरेगा कानून के समाप्त होने से ग्रामीण गरीबों को भारी नुकसान होगा, जबकि अमीर वर्ग को इसका लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि अपने साम्प्रदायिक एजेंडे को आगे ले जाने के लिए भाजपा ने इसके नाम को भी बदला है। महात्मबगांधी की जगह राम को लाने से उनके हिंदुत्व एजेंडे को फायदा होता है जबकि यह कानून कृषि मज़दूरों व किसानों के संघर्षों के कारण आया था।

मनरेगा कानून को सीपीआई(एम) व अन्य वामपंथी पार्टियों के समर्थन से बनी यूपीए-1 सरकार ने वर्ष 2005 में बनाया था। इसमें मांग के आधार पर काम मांगने का अधिकार था। 18 से 80 वर्ष तक के महिला-पुरुष इसमें काम कर सकते थे। यह ग्रामीण गरीबों की आजीविका को सुधारने का काम कर रहा था। इस कानून ने गाँवों में गरीबी कम करने में मदद की है। पंचायतों के अंदर क्या काम करने हैं इसका अधिकार ग्राम सभाओं को था। परंतु नई योजनाओं में काम ऊपर से आवंटित करने का प्रावधान है। सरकार की अनुमति के बिना काम नहीं मिलेगा। ग्राम सभाओं का काम देने का अधिकार खत्म कर दिया गया है।

अब नई योजना में बजट का बोझ भी राज्यों पर डाला गया है। केंद्र को 60 प्रतिशत व राज्यों को 40 प्रतिशत खर्च करना पड़ेगा। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों को 90 व 10 प्रतिशत के अनुपात पर खर्च करना पड़ेगा। इससे राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लोगों को भ्रमित कर रही है कि 100 दिनों की जगह 125 दिनों का काम मिलेगा। गारंटी के 100 दिनों का भी इस सरकार की बजट कटौतियों की वजह से 50 दिनों का ही काम मिला है। रोज़गार की कानूनी गारंटी के बिना ग्रामीण लोगों को 125 दिनों का रोज़गार आखिर कैसे मिलेगा।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी मनरेगा की जगह विकसित भारत रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 यानी वी बी – ग्राम जी का विरोध करती है और इसके खिलाफ पूरे देश में मनरेगा बचाओ अभियान 30 जनवरी से 5 फरवरी 2026 तक चला रही है।

Himachal Darpan

Recent Posts

28 जून का प्रस्तावित बिजली शटडाउन स्थगित, अब 29 जून को रहेगा पावर कट

नाहन ( संध्या कश्यप , संवाददाता ), नाहन शहर में 28 जून दिन रविवार को…

9 hours ago

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (GSSS) निगुलसरी के वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों ने फिर लहराया किन्नौर में सफलता का परचम

किन्नौर ( सुरजीत नेगी , संवाददाता ), राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (GSSS) निगुलसरी के वाणिज्य…

1 day ago

विश्व नशा निषेध दिवस पर आदर्श संस्था द्वारा नशा जागरूकता रैली का आयोजन

नाहन ( संध्या कश्यप , संवाददाता ), विश्व नशा निषेध दिवस के अवसर पर आदर्श…

1 day ago

समर मेला “कमाल की तैयारी” हेतु लाहौल विकास खण्ड की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण का आयोजन

केलांग ( रंजीत लाहौली , संवाददाता ), केलांग, 23 जून 2026…..जिला भर में बच्चों की…

1 day ago

पति को बचाने के प्रयास में पत्नी ने भी गंवाई जान, खाई में गिरने से दंपति की मौत

ब्यूरो रिपोर्ट। जनजातीय क्षेत्र भरमौर के लिल्ह इलाके में वीरवार को एक हृदयविदारक हादसे में…

2 days ago