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हिम केयर में प्राइवेट वार्ड इलाज को हरी झंडी, सहारा योजना का होगा लोकल ऑडिट: सीएम सुक्खू

ब्यूरो रिपोर्ट डेस्क।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सहारा योजना और हिम केयर योजना की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई अहम निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम केयर योजना के तहत अब सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्राइवेट वार्ड में इलाज की अनुमति दी जाएगी, जिससे लाभार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।मुख्यमंत्री ने हिम केयर योजना के अंतर्गत पंजीकरण प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि लाभार्थियों का सत्यापन फेस रिकॉगनेशन आधार पर किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिम केयर योजना के डाटा का विश्लेषण कर प्रदेश में विभिन्न बीमारियों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा, ताकि स्वास्थ्य क्षेत्र में सटीक और प्रभावी नीति निर्माण संभव हो सके।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सहारा योजना की समीक्षा करते हुए इसका लोकल ऑडिट करवाने के निर्देश दिए, ताकि केवल पात्र लाभार्थियों को ही योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सहारा योजना के लाभार्थियों के सत्यापन के लिए जिला स्तर पर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा। साथ ही सहारा योजना के सभी लाभार्थियों को हिम परिवार पोर्टल से जोड़ने के भी निर्देश दिए गए।मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में व्यवस्थाओं को लगातार सुव्यवस्थित किया जा रहा है। उन्होंने हिम केयर योजना के तहत विभिन्न मापदंडों और बजट से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश भी अधिकारियों को दिए। इसके साथ ही हिम केयर योजना के अंतर्गत निजी अस्पतालों की लंबित देय राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए।मुख्यमंत्री ने ‘स्वस्थ हिमाचल’ की परिकल्पना को दोहराते हुए कहा कि नागरिकों को उनके घर के समीप गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, पैट स्कैन और स्पैक्ट-स्कैन जैसी आधुनिक मशीनों की स्थापना की गई है। इसके अलावा राज्य में 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थान, रोगी मित्र योजना, वैलनेस सेंटर और आईजीएमसी शिमला में ट्रॉमा सेंटर जैसी योजनाएं स्वास्थ्य क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही हैं।बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार गोकुल बुटेल, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, सचिव स्वास्थ्य प्रियंका बासु इंग्टी सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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