कुल्लू (पूजा ठाकुर),
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार को बने अभी मात्र 10 माह का समय ही हुआ है। लेकिन आए दिन रोजाना कर्मचारी व आम जनता का रोष सरकार के प्रति सड़कों पर देखने को मिल रहा है। अब जिला परिषद केडर कर्मचारी संघ भी कांग्रेस सरकार के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गया है और सरकार के द्वारा उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष एवं मंडी संसदीय क्षेत्र भाजपा के प्रभारी व पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि इससे पता चलता है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सुख की नहीं बल्कि दुख की सरकार है। क्योंकि आए दिन कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा और सरकार उन्हें सुख देने की बजाय दुख दे रही है। प्रदेश में कर्मचारियों की हड़ताल से पता चलता है कि कांग्रेस सरकार का व्यवस्था परिवर्तन अब काम कर रहे कर्मचारियों को सड़क पर लाना है। पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि आज 5 दिनों से पूरे प्रदेश में जिला परिषद केडर कर्मचारी महासंघ के अधिकारी व कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं। लेकिन सरकार उनकी मांगों को सुनने की बजाय अपना ही राग अलाप रही है।
पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर का कहना है कि जिला परिषद केडर कर्मचारी महासंघ की मांगों को कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में भी लिखा था और कहा था कि जैसे ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी। तो उनका पंचायती राज विभाग में विलय किया जाएगा। लेकिन उनकी यह बात भी बाकी गारंटीयों की तरह झूठी निकली। बाकी गारंटी को भी कांग्रेस सरकार पूरा नहीं कर पाई और जिला परिषद कदर कर्मचारी महासंघ के लिए जो चुनावो से पहले बातें कांग्रेस सरकार के द्वारा कही गई थी। वह भी आज झूठ का पुलिंदा बन कर जनता के सामने आ गई है। पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के सभी नेताओं ने भी एसएमसी अध्यापकों के लिए स्थाई नीति लाने की बात कही थी। लेकिन आज तक ना तो कोई स्थाई नीति लाई गई और ना ही इस दिशा में कांग्रेस सरकार के द्वारा काम किया गया। उल्टा एसएमसी के अध्यापक अपने लिए स्थाई नीति की मांग को लेकर दिन-रात शिमला में धरने प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो गए हैं। रात भर महिलाएं धरने पर बैठी रही। लेकिन कांग्रेस सरकार का दिल तब भी नहीं पसीजा और आज भी एसएमसी अध्यापक अपने लिए स्थाई नीति की राहत तक रहे हैं |
पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर का कहना है कि कोरोना काल में पूर्व भाजपा सरकार के द्वारा कोविड वॉरियर की नियुक्ति अस्पतालों में की गई थी और कोरोना के उस भयंकर द्वारा में उन कर्मचारियों ने अपनी जान को हथेली पर रखकर लोगों की सेवा की। लेकिन आज कांग्रेस सरकार के द्वारा उन सभी कोरोना वॉरियर को भी नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। जिसके चलते वह अब बेरोजगार हो गए हैं। ऐसे में किस तरह से वह अपने परिवार का भरण पोषण कर पाएंगे। इस बात की चिंता भी सभी कर्मचारियों को सता रही है। पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री पद हासिल होने के बाद कांग्रेस सरकार ने जो घाव प्रदेश के कर्मचारियों को दिए है। उसका खामियाजा 2024 के लोकसभा चुनावो में उन्हें भुगतना होगा। वही, उन्होंने प्रदेश सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि वह अब इस तरह के तुगलकी फरमान देना बंद करें। वरना भारतीय जनता पार्टी तथ्यों के साथ कांग्रेस का दोहरा मुखौटा आम जनता के सामने लाएगी और कांग्रेस के नेताओं की दूसरी बार जनता के सामने जाने की हिम्मत भी नहीं होगी।
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