हिमाचल में मानसून से 3,220 करोड़ से अधिक का नुकसान, 373 लोगों की मौत

0
26

ब्यूरो रिपोर्ट

हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष मानसून अवधि के दौरान भारी बारिश, बादल फटने, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े स्तर पर तबाही मचाई है। 30 जून से 28 सितंबर तक 91 दिनों की मानसून अवधि में प्रदेश को 3,220 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का आकलन सामने आया है। वहीं, इस दौरान विभिन्न घटनाओं में 373 लोगों की जान गई है।इन 373 मौतों में से 152 मौतें बारिश और आपदा से जुड़ी घटनाओं के कारण हुई हैं। इनमें भूस्खलन, अचानक बाढ़, डूबने, सांप के काटने और खड़ी ढलानों से गिरने जैसी घटनाएं शामिल हैं। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं में 221 लोगों की मौत हुई है।खराब मौसम के कारण 623 लोग घायल, जबकि 162 लोग लापता बताए गए हैं। मानसून के दौरान 1,400 से अधिक मकान पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, 581 पशुओं की भी मौत हुई है।बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से प्रदेश के सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और बिजली विभाग की संपत्तियां बड़े स्तर पर प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा शिक्षण संस्थानों, स्वास्थ्य सुविधाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।28 सितंबर तक प्रदेश में 61 सड़कें बंद थीं, जबकि 49 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर स्टेशन प्रभावित हुए हैं और इन्हें बहाल करने का काम जारी है।इसी बीच, केंद्र सरकार की सात सदस्यीय अंतर-मंत्रालयी टीम हिमाचल प्रदेश में नुकसान का जायजा लेने पहुंची है। गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु के नेतृत्व में केंद्रीय टीम 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक प्रदेश के विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी।केंद्रीय टीम मौके पर जाकर बादल फटने, अचानक बाढ़, भूस्खलन और भारी बारिश से हुए नुकसान का आकलन करेगी। प्रदेश सरकार ने मानसून से हुए नुकसान के मद्देनजर केंद्र से करीब 3,200 करोड़ रुपये की सहायता की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here