निशेष शर्मा राजगढ़।
सिरमौर जिले के राजगढ़ उपमंडल की ग्राम पंचायत शाया चबरोंन में बुधवार देर रात एक पारंपरिक पहाड़ी मकान में भीषण आग लगने से आवासीय हिस्सा और रसोईघर पूरी तरह जलकर राख हो गए। अग्निकांड में घर में रखा राशन, कपड़े, बिस्तर, बर्तन, घरेलू सामान और लकड़ी का ढांचा जलकर नष्ट हो गया। परिवार के पास अब बदन पर पहने कपड़ों के अलावा कुछ भी नहीं बचा है।
जानकारी के अनुसार बुधवार रात करीब 11 बजे गांव निवासी सुखदेव कुमार के मकान के ऊपरी हिस्से से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। घटना के समय सुखदेव कुमार घर पर मौजूद नहीं थे, जबकि उनकी पत्नी वंदना धीमान घर में अकेली थीं। आग का पता चलते ही वंदना ने साहस का परिचय देते हुए सबसे पहले गौशाला में बंधे तीन-चार पशुओं को बाहर निकाला और उनकी जान बचाई। इसके बाद उन्होंने शोर मचाकर ग्रामीणों को मदद के लिए बुलाया।
आग की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बारिश व ठंड के बीच बाल्टियों, पाइपों और अन्य उपलब्ध साधनों से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों के अनुसार मकान का ऊपरी हिस्सा लकड़ी से बना होने के कारण आग तेजी से फैल गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही समय में रसोईघर और उसमें रखा अधिकांश सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से मकान के कुछ हिस्से को बचा लिया गया, अन्यथा आग आसपास के घरों तक भी फैल सकती थी।
अग्निकांड में परिवार का राशन, आटा, चावल, बर्तन, कपड़े, बिस्तर, गैस व रसोई का सामान समेत घरेलू उपयोग की लगभग सभी वस्तुएं जलकर नष्ट हो गईं। मौके पर जले हुए लकड़ी के फट्टे, ढही हुई छत और राख में तब्दील सामान आग की भयावहता को बयां कर रहे थे।
सुखदेव कुमार ने बताया कि वर्षों की मेहनत और बचत से बनाया गया उनका आशियाना कुछ ही समय में तबाह हो गया। अब परिवार के सामने रहने और खाने-पीने की व्यवस्था करना सबसे बड़ी चुनौती है। लगातार हो रही बारिश के कारण उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं।
ग्राम पंचायत के उपप्रधान राजकुमार ठाकुर ने बताया कि सुखदेव कुमार और वंदना धीमान का मकान तथा गौशाला आग की चपेट में आकर लगभग पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। पंचायत की ओर से प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासन से परिवार को आपदा राहत कोष के तहत शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की है, ताकि प्रभावित परिवार को नया आशियाना बनाने में मदद मिल सके।
ग्रामीणों ने प्रशासन, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और सक्षम लोगों से प्रभावित परिवार को तत्काल राशन, कपड़े, घरेलू सामान और आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की अपील की है। एक ही रात में घर और जीवनभर की जमा-पूंजी गंवा चुके इस परिवार के साथ पूरा गांव खड़ा है और प्रशासन से जल्द राहत एवं पुनर्वास सहायता की उम्मीद कर रहा है।