ब्यूरो रिपोर्ट
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी सीबीएसई संबद्ध उत्कृष्ट विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। शिक्षा विभाग ने 1000 से अधिक नए शिक्षक पदों के सृजन और आंतरिक युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) को मंजूरी देते हुए शुक्रवार को आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही प्रदेश के 145 सरकारी सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।शिक्षा विभाग ने प्रत्येक स्कूल में विषयवार स्वीकृत शिक्षकों की संख्या तय करते हुए स्कूलवार सूची भी जारी कर दी है। नए प्रावधानों के तहत छोटे स्कूलों में न्यूनतम 34 और बड़े स्कूलों में अधिकतम 84 शिक्षक तैनात किए जाएंगे। विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि इन पदों को तत्काल प्रभाव से लागू कर संबंधित स्कूलों के स्थापना अभिलेखों में दर्ज किया जाए।गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 11 जून 2026 को सीबीएसई स्कूल ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत शिक्षकों के विभिन्न पदों के सृजन और आंतरिक युक्तिकरण को मंजूरी दी थी। अब पहली कक्षा से लेकर जमा दो तक प्रत्येक विषय के लिए स्कूलवार स्वीकृत पदों का अंतिम खाका तैयार कर जिलों को भेज दिया गया है।स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश जारी किए हैं कि वे संबंधित प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों तक आदेश तत्काल पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।इन स्कूलों में प्री-प्राइमरी से लेकर प्लस टू तक की कक्षाएं संचालित होंगी। शिक्षा विभाग ने प्रत्येक कक्षा में 40 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक की व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रावधान किया है, ताकि राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।विभाग का मानना है कि नए पदों के सृजन और युक्तिकरण से सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।
