अनावश्यक यात्रा से बचें, अत्यंत आवश्यक होने पर ही लाहौल-स्पीति आएं : उपायुक्त किरण भड़ाना

0
17

केलांग ( रंजीत लहौली ,संवाददाता ),

केलांग, 1 जुलाई 2026: जिला दंडाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की अध्यक्ष किरण भड़ाना ने आम जनता तथा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को सलाह (advisory) दी है कि वर्तमान मानसून अवधि के दौरान अत्यंत आवश्यक होने पर ही जिला लाहौल-स्पीति की यात्रा करें। उन्होंने यात्रा पर निकलने से पूर्व मौसम पूर्वानुमान तथा सड़कों की ताज़ा स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करने की सलाह दी है।

उपायुक्त ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस वर्ष जिले में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति का भौगोलिक स्वरूप, संवेदनशील पारिस्थितिकी तथा पर्वतीय पर्यावरण इसे प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बनाते हैं। थोड़ी-सी अधिक वर्षा अथवा बादल फटने जैसी घटनाओं के कारण नदी-नाले अचानक उफान पर आ सकते हैं, जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों सहित विभिन्न संपर्क सड़कें अवरुद्ध हो सकती हैं। ऐसी परिस्थितियों में यात्रियों को यातायात बाधित होने तथा अन्य असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है तथा संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जा चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले की अधिकांश सड़कें यातायात के लिए खुली हैं, लेकिन मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए यात्रा केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही की जानी चाहिए। उन्होंने वाहन चालकों को सलाह दी कि लाहौल-स्पीति की यात्रा की योजना बनाते समय मौसम पूर्वानुमान, जिला प्रशासन द्वारा जारी परामर्श तथा सड़क की वास्तविक स्थिति का अवश्य ध्यान रखें।

उपायुक्त ने कहा कि यदि जिले में सामान्य से अधिक वर्षा होती है तो भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि तथा सड़क अवरोध जैसी घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। ऐसी किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, सीमा सड़क संगठन (BRO), लोक निर्माण विभाग तथा अन्य संबंधित विभाग एवं एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ लगातार कार्य कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान सड़कों पर वाहनों की अत्यधिक आवाजाही के कारण किसानों एवं बागवानों को अपनी नकदी फसलों तथा बागवानी उत्पादों को समय पर मंडियों तक पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वाहनों की संख्या कम होने से स्थानीय किसानों और बागवानों को राहत मिलेगी तथा आवश्यक सेवाओं का संचालन भी सुचारु रूप से सुनिश्चित किया जा सकेगा।

उपायुक्त किरण भड़ाना ने सभी वाहन चालकों के लिए भी सलाह (advisory) दी कि वे यात्रा के दौरान निर्धारित गति सीमा का पालन करें, नदी-नालों को पार करते समय तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें और मौसम एवं सड़क संबंधी नवीनतम अपडेट से स्वयं को लगातार अवगत रखें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति, सहायता अथवा जानकारी के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1077 पर तत्काल संपर्क किया जा सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here