राष्ट्रीय स्तरीय शूलिनी मेले में दोहरी वसूली का आरोप, व्यापारी परेशान, कांग्रेस-बीजेपी की चुप्पी पर उठे सवाल

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सोलन ( नरेंद्र कुमार संवाददाता ),

राष्ट्रीय स्तरीय शूलिनी मेले के समापन के बाद अब मेले के प्रबंधन को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि मेले के दौरान व्यापार करने आए कई दुकानदारों से एक ही दुकान के लिए दो बार शुल्क वसूला गया। दावा किया जा रहा है कि नगर निगम द्वारा मेले का ग्राउंड राजू टेंट हाउस को दिया गया था और ग्राउंड के साथ-साथ आसपास लगने वाली दुकानों की पर्चियां काटने की जिम्मेदारी भी उसी को सौंपी गई थी। वहीं दूसरी ओर नगर निगम की ओर से भी कई दुकानदारों की अलग से पर्चियां काटी गईं।

व्यापारियों का कहना है कि एक ही स्थान के लिए दो अलग-अलग पक्षों द्वारा शुल्क वसूले जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। दूर-दराज से मेले में व्यापार करने पहुंचे दुकानदारों का आरोप है कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि शुल्क किसे देना है, जिसके कारण कई लोगों को दोहरी राशि चुकानी पड़ी।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि वास्तव में दोहरी वसूली हुई है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? नगर निगम प्रशासन इस पर क्या स्पष्टीकरण देगा और व्यापारियों को राहत कैसे मिलेगी? वहीं सोलन की राजनीति में छोटे-छोटे मुद्दों पर आमने-सामने रहने वाली कांग्रेस और बीजेपी की चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई। कुछ लोग इसे नगर निगम में होने वाले मेयर और डिप्टी मेयर के आगामी चुनावों से भी जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में किसी भी राजनीतिक दल की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

यदि व्यापारियों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो और व्यापारियों का भरोसा कायम रहे।

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