ज्वालामुखी ( पंकज शर्मा , संवाददाता ),
सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और विश्व कल्याण का संदेश लेकर 52 शक्तिपीठों की पदयात्रा पर निकले स्वामी अंजन्युल यादव अपनी शिष्या गीता माता के साथ विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने मां ज्वालामुखी के दरबार में विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा मंदिर में आयोजित हवन-यज्ञ में आहुतियां डालकर देश व विश्व की सुख-समृद्धि की कामना की।
स्वामी अंजन्युल यादव 24 हजार किलोमीटर की कठिन पदयात्रा पर निकले हैं। उनकी यह आध्यात्मिक यात्रा श्रीलंका से शुरू होकर पाकिस्तान स्थित हिंगलाज माता शक्तिपीठ तक पहुंचेगी। इस दौरान वे देश-विदेश के 52 शक्तिपीठों में दर्शन एवं पूजा-अर्चना करेंगे।
ज्वालामुखी पहुंचने पर स्थानीय श्रद्धालुओं, मंदिर से जुड़े लोगों और गणमान्य व्यक्तियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर स्वामी जी को मां की पावन चुनरी भेंट कर सम्मानित किया गया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने उनके धार्मिक संकल्प और कठिन पदयात्रा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
स्वामी अंजन्युल यादव ने कहा कि उनकी यह यात्रा विश्व शांति, मानव कल्याण और सनातन संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से निकाली जा रही है।