ब्यूरो रिपोर्ट।
पंजाब में स्टेट एंट्री टैक्स के खिलाफ विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। रविवार को विभिन्न संगठनों के प्रदर्शनकारियों ने भरतगढ़-नालागढ़ को जोड़ने वाले दो अहम स्टेट हाईवे—पंजैहरा रोड और दभोटा रोड—को करीब अढ़ाई घंटे तक जाम कर दिया। इस दौरान भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी सड़कों पर डटे रहे और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।प्रदर्शन का नेतृत्व पंजाब मोर्चा के कन्वीनर गौरव राणा, किरती किसान मोर्चा के प्रधान हरप्रीत सिंह भट्टो, बीकेयू बहिराम के अवतार सिंह सहित कई नेताओं ने किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और पंचायत मंत्री अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ रोष जताते हुए चेतावनी दी कि यदि टैक्स कम नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।संघर्षकारी संगठनों ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 31 मार्च की आधी रात के बाद किसी भी समय पंजाब-हिमाचल के सभी एंट्री प्वाइंट्स को अनिश्चितकाल के लिए जाम किया जा सकता है। इसमें कीरतपुर साहिब-मनाली नेशनल हाईवे, घनौली-भरतगढ़ मार्ग समेत रोपड़ जिले के 11 और पूरे पंजाब के 33 एंट्री प्वाइंट शामिल हैं। नेताओं ने स्पष्ट किया कि अब किसी तरह के समझौते की गुंजाइश नहीं है और हिमाचल सरकार को टोल नाके तुरंत हटाने होंगे।करीब अढ़ाई घंटे बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा। तहसीलदार श्री आनंदपुर साहिब संदीप कुमार और थाना प्रभारी जतिन कपूर ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनका मांग पत्र लिया और उच्च स्तर तक पहुंचाने का भरोसा दिया। इसके बाद जाम तो खोल दिया गया, लेकिन यातायात पूरी तरह सामान्य होने में करीब चार घंटे लग गए।इस बीच पठानकोट टैक्सी यूनियन के जिला प्रधान रिंकू कुमार ने घोषणा की कि 1 अप्रैल को पठानकोट-डल्हौजी और चम्बा-धर्मशाला रूट को भी पूरी तरह ब्लॉक किया जाएगा, जिससे आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।