चंबा (ओपी शर्मा ,संवाददाता ),
विश्वप्रसिद्ध चौरासी मंदिर परिसर, भरमौर में स्थित भगवान धर्मराज मंदिर इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह है—देश के अलग-अलग राज्यों से सीधे भगवान धर्मराज के नाम भेजी जा रही चिट्ठियां, जिनमें श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं, फरियादें और भावनाएं लिखकर भेज रहे हैं। यही वजह है कि ये पत्र अब स्थानीय स्तर से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बन गए हैं।
मंदिर के पुजारी रवि दत्त पुजारी और भुवनेश्वर शर्मा ने पुष्टि की है कि हाल ही में मंदिर को दिल्ली, छत्तीसगढ़ और झारखंड से कुछ खास चिट्ठियां प्राप्त हुई हैं। पुजारियों के अनुसार, इस तरह के पत्र पहले भी आते रहे हैं, लेकिन हाल के पत्रों ने लोगों का खास ध्यान खींचा है।
बताया जा रहा है कि एक पत्र भेजने वाले ने खुद को छत्तीसगढ़ का निवासी बताया है, जबकि दूसरे ने अपने आप को दिल्ली से बताया है। वहीं, झारखंड से आए एक पत्र में श्रद्धालु ने भगवान धर्मराज के समक्ष अपनी कई मनोकामनाएं रखी हैं। इन पत्रों में लंबी उम्र, पारिवारिक सुख-समृद्धि, अधूरी शिक्षा पूरी होने, माता-पिता के स्नेह, बेहतर जीवन और आध्यात्मिक कृपा जैसी इच्छाएं लिखी गई हैं। कुछ पत्रों में दिवंगत माता-पिता के लिए आशीर्वाद भी मांगा गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धर्मराज मंदिर की मान्यता ऐसी है कि यहां लोग सिर्फ माथा टेकने ही नहीं, बल्कि अपनी दिल की बात भी सीधे भगवान तक पहुंचाने का विश्वास रखते हैं। शायद यही वजह है कि कई श्रद्धालु अब पोस्टकार्ड और चिट्ठियों के जरिए अपनी फरियाद सीधे धर्मराज के दरबार में भेज रहे हैं।
पुजारियों ने बताया कि भगवान धर्मराज मंदिर को लेकर लोगों में गहरी आस्था है और देशभर से समय-समय पर इस तरह की चिट्ठियां आती रहती हैं। उनके अनुसार, यह केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और भगवान से भावनात्मक जुड़ाव का अनोखा रूप है।
गौरतलब है कि भरमौर के चौरासी मंदिर परिसर स्थित भगवान धर्मराज मंदिर को लेकर दूर-दराज के राज्यों में भी विशेष मान्यता है। यही कारण है कि श्रद्धालु यहां पहुंचने के साथ-साथ अब चिट्ठियों के जरिए भी अपनी मनोकामनाएं धर्मराज के दरबार तक पहुंचा रहे हैं।






