ब्यूरो रिपोर्ट।
देवभूमि हिमाचल प्रदेश के विश्वविख्यात शक्तिपीठों में चैत्र नवरात्रों के दौरान आस्था, भक्ति और अटूट विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान श्री नयनादेवी मंदिर, माता चिंतपूर्णी मंदिर और श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और इस बार पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए।मंदिर न्यासों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, नवरात्रों के दौरान इन तीनों मंदिरों में कुल 6.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और माता के चरणों में करीब 2,48,23,482 रुपये का नकद चढ़ावा अर्पित किया। यह आंकड़ा न केवल श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था को दर्शाता है, बल्कि पिछले वर्षों की तुलना में दान राशि में भी भारी बढ़ोतरी को उजागर करता है।बिलासपुर स्थित श्री नयनादेवी मंदिर में इस बार लगभग 5 लाख श्रद्धालुओं ने माथा टेका। मंदिर को कुल 1,25,35,848 रुपये का नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 20 प्रतिशत अधिक है।वहीं ऊना जिले के माता चिंतपूर्णी मंदिर में 19 से 26 मार्च के बीच 80,58,027 रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ। यहां भारतीय मुद्रा के साथ-साथ विदेशी श्रद्धालुओं ने भी अपनी श्रद्धा अर्पित की। दान पात्रों में इंग्लैंड, कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त अरब अमीरात की मुद्रा भी प्राप्त हुई, जो मंदिर की वैश्विक आस्था को दर्शाती है।कांगड़ा स्थित श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर में भी नवरात्रों के दौरान भारी भीड़ देखने को मिली। यहां करीब 97 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और 42,29,607 रुपये का नकद चढ़ावा अर्पित किया। इसके अलावा सोना-चांदी भी दान में दिया गया है।गौरतलब है कि अभी ज्वालाजी मंदिर और माता चामुंडा देवी मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों के आंकड़े आना बाकी हैं, जिससे कुल चढ़ावे में और बढ़ोतरी की संभावना है।
