दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले जयराम ठाकुर

0
50

शिमला (विकास शर्मा ,ब्यूरो चीफ )

दिल्ली: ​हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंगलवार को नई दिल्ली में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री को “सरकार के प्रमुख के रूप में” जनसेवा का एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक रिकॉर्ड स्थापित करने के लिए हार्दिक बधाई दी और उनके सुदृढ़ नेतृत्व को राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बताया, वहीं इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के हितों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत और सार्थक विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की हुई।

प्रधानमंत्री से भेंट के उपरांत दिल्ली में मीडिया से मुखातिब होते हुए जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की मौजूदा सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला और राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश वर्तमान में जिस गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है, उसमें कोई दो राय नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा बिना सोचे-समझे लिए जा रहे फैसले राज्य को और अधिक गहरे वित्तीय गर्त में धकेल रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने सरकार द्वारा लिए गए हालिया निर्णयों का हवाला देते हुए बताया कि संसाधनों की भारी कमी के कारण मुख्यमंत्री ने स्वयं अपना 50 प्रतिशत वेतन अगले छह महीनों के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया है और साथ ही मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक के वेतन में भी 50 प्रतिशत, आईएएस अधिकारियों व मंत्रियों के वेतन में 30 प्रतिशत और विधायकों के वेतन में 20 प्रतिशत की कटौती या स्थगन की बात कही है। उन्होंने इस स्थिति को स्पष्ट शब्दों में ‘वित्तीय आपातकाल’ का संकेत करार देते हुए कहा कि यदि सरकार को अपने शीर्ष अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों का वेतन रोकना पड़ रहा है, तो यह प्रदेश की चरमराती अर्थव्यवस्था का प्रमाण है। उन्होंने मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अनाथ बच्चों और विधवाओं के नाम पर पेट्रोल-डीजल पर सेस (उपकर) लगाकर सरकार चलाने का प्रयास करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह सरकार की प्रशासनिक विफलता को भी दर्शाता है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एक और फैसला कांग्रेस सरकार ने हिमाचल में लिया है कि राज्य में प्रवेश करने वाले वाहनों के एंट्री टैक्स में भारी बढ़ोतरी की गई है जो व्यावहारिक नहीं है। पंजाब सरकार ने भी इसका विरोध किया है और कहा है कि हम भी हिमाचल से आने वाले वाहनों पर एंट्री टैक्स लगाएंगे। अगर पंजाब ने ऐसा किया तो हिमाचल की जनता पर बहुत बोझ पड़ेगा और राज्य का प्रमुख व्यवसाय पर्यटन खत्म हो जाएगा जो हमारे राज्य की रीढ़ है। जयराम ठाकुर ने जोर देकर कहा कि हिमाचल में इस तरह के “अजीब और अव्यावहारिक” फैसले लिए जाना गंभीर चिंता का विषय है और राज्य को इस संकट से उबारने के लिए ठोस रणनीति की आवश्यकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष इस आर्थिक संकट से निपटने के लिए रचनात्मक चर्चा और सही दिशा में उठाए गए कदमों के लिए अपना पूरा समर्थन देने को तैयार है, बशर्ते सरकार जनविरोधी नीतियों को त्यागकर वास्तविक सुधारों पर ध्यान दे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here