शिक्षा और संस्कृति के प्रभावों पर मंथन के साथ राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न

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शिमला (विकास शर्मा , ब्यूरो चीफ ),

उत्कृष्ट शिक्षा केंद्र राजकीय महाविद्यालय संजौली के वाणिज्य विभाग द्वारा आइसीएसआर के सहयोग से “डिजाइनिंग इंक्लूजन: हेल्थ, एजुकेशन एंड कल्चर अंडर GST” विषय पर आयोजित की गई दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन सत्र दिनांक 19 मार्च 2026 को महाविद्यालय सभागार में आयोजित किया गया। इस उपलक्ष्य पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो महावीर सिंह ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। संगोष्ठी के दूसरे दिन के कार्यक्रम में पैरलल तकनीकी सत्रों के साथ ही एक प्लेनरी सत्र भी आयोजित किया गया। इस सत्र में करोड़ीमल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से डॉ पुष्पेंद्र व हिमाचल प्रदेश उच्चतर शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ राजेश धोरटा ने अपने वक्तव्य प्रस्तुत किए।
वेलीडिक्टरी सेशन में डॉ पूजा दुलटा ने संगोष्ठी का सार प्रस्तुत किया। महाविद्यालय की प्राचार्य व संगोष्ठी की संरक्षक प्रोफेसर भारती भागड़ा ने बताया कि शोध को बढ़ावा देने की दिशा में महाविद्यालय समय – समय पर सेमिनार आयोजित करवाता रहता है और इसी कड़ी में वाणिज्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कृति पर जी एस टी के प्रभावों का सार इस संगोष्ठी में निकलकर आया है। मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कृति को नैनो टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा और साथ ही इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च को आज के युग की आवश्यकता बताया। महाविद्यालय के विद्यार्थियों में शोध प्रवृति को बढ़ावा देने के लिए बी कॉम तृतीय वर्ष से विभूति और दिव्या को बेस्ट रिसर्चर अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके अलावा आशीष कुमार और स्वाति कपिल को शोधार्थी वर्ग व राजकीय महाविद्यालय कुमारसैन से डॉ भूषण आजाद को प्राध्यापक वर्ग से बेस्ट रिसर्चर से नवाजा गया।
महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। बाह्य सलाहकार डॉ मोहम्मद शरीफ के साथ ही डॉ अनुपम वर्मा व डॉ रीना ठाकुर ने इस संगोष्ठी की आयोजक समिति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंच संचालन में डॉ आदित्य दुलटा का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में ए पी जी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ रामलाल शर्मा भी मौजूद रहे।

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