ब्यूरो रिपोर्ट।
शिमला। हिमाचल प्रदेश शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सीबीएसई से संबद्ध सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में बढ़ती छात्र संख्या और कमरों की कमी को देखते हुए ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब उन स्कूलों को दो शिफ्टों में संचालित किया जा सकेगा, जहां प्रवेश के लिए भारी दबाव है और अतिरिक्त सेक्शन बनाना संभव नहीं है।
शिक्षा निदेशक आशीष कोहली द्वारा जारी आदेशों के अनुसार यह व्यवस्था तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने अब तक 148 सरकारी स्कूलों को CBSE बोर्ड के तहत संचालित करने का निर्णय लिया है। अंग्रेजी माध्यम और बेहतर शैक्षणिक गुणवत्ता के चलते इन स्कूलों में दाखिले के लिए छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
क्यों लिया गया फैसला?
सीमित आधारभूत ढांचे के कारण योग्य विद्यार्थियों को प्रवेश से वंचित न रहना पड़े, इसके लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था लागू की गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जहां सीटें पूर्ण हो चुकी हैं और अतिरिक्त सेक्शन बनाना संभव नहीं है, वहीं दो शिफ्टों में कक्षाएं संचालित होंगी।
नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु
जूनियर और सीनियर शिफ्ट: सुबह की शिफ्ट में प्राथमिक और कनिष्ठ कक्षाएं, जबकि दोपहर बाद वरिष्ठ कक्षाओं का संचालन।
अस्थायी प्रावधान: यह व्यवस्था केवल उन्हीं स्कूलों के लिए लागू होगी जहां आधारभूत ढांचे की कमी है।
स्वेच्छा का अधिकार: अभिभावकों पर शिफ्ट चुनने का कोई दबाव नहीं होगा। असहमति की स्थिति में वे नजदीकी अन्य सरकारी स्कूल का विकल्प चुन सकते हैं।
सुरक्षा और अनुशासन: दो शिफ्टों के दौरान परिसर की स्वच्छता, सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
भविष्य की योजना
शिक्षा निदेशालय ने संकेत दिया है कि भविष्य में पर्याप्त आधारभूत ढांचा उपलब्ध होने पर कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के विलय या डाउनग्रेडिंग पर विचार किया जा सकता है। साथ ही, इन 148 सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य प्रदेश के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।शिमला।


