राजगढ़ (पवन तोमर, ब्यूरो चीफ),
करीब छः वर्ष पहले बस स्टैंड राजगढ़ पर एचआरटीसी द्वारा सब डिपो का बोर्ड तो टांग दिया गया परंतु इस अवधी में न बसों व रूट की संख्या में कोई वृद्वि हुई और न ही यात्रियों के लिए कोई सुविधाओं का सृजन किया गया । गौर रहे कि एचआरटीसी के सब डिपो का उद्घाटन सांसद लोकसभा सुरेश कश्यप द्वारा 27 फरवरी 2019 को किया गया था। इससे पहले राजगढ़ में एचआरटीसी की 13 बसें विभिन्न रूटों पर चलती थी । सब डिपो बनने के उपंरात बसों की संख्या घटकर 9 रह गई है । नई बसें न मिलने के कारण इस सब डिपो में सभी बसें खटारा हो चुकी है । बता दें कि एचआरटीसी के सब डिपो का संचालन सहायक प्रबंधक द्वारा किया जाता है और डिपो में कम से कम 35 बसें होनी चाहिए । इसके अतिरिक्त सब डिपो का अपना कार्यालय, वर्कशॉप व पेट्रोल पंप होता है । जबकि राजगढ़ सब डिपो में केवल दो कर्मचारी कार्य कर रहे हैं । इसके अलावा कुछ भी नहीं है।



सबसे अहम बात यह है कि उप मंडल मुख्यालय राजगढ़ से अन्य राज्यों के लिए कोई भी लंबी दूरी की बस सेवा नहीं चलती है । जिसके चलते लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है । क्षेत्र के लोगों की मांग है कि राजगढ़ से एचआरटीसी की सीधी बस सेवा दिल्ली, हरिद्वार, पीजीआई चंडीगढ़, धर्मशाला, पर्यटक स्थल कूल्लू मनाली और शिमला के लिए चलनी चाहिए ताकि लोगों को सुविधा मिल सके । । इस बस अडडा से एचआरटीसी के अतिरिक्त 21 निजी बसें भी विभिन्न रूटों के लिए रवाना होती है । क्षेत्र के लोगों को कहना है कि सब डिपो के नाम पर राजगढ़ क्षेत्र के लोगों के साथ सरकार ने बहुत बड़ा मजाक किया है । यदि एचआरटीसी सब डिपो में सुविधाएं सृजित करने की स्थिति में नहीं थी तो सब डिपो का बोर्ड हटा देना चाहिए । यही नहीं यात्रियों के बैठने की उचित व्यवस्था तक नहीं है। सुलभ शौचालय की भी दशा ठीक नहंी। बस अडडा पर सार्वजनिक नल में पानी न होने के कारण यात्रियों को बहुत परेशानी पेश आती है । क्षेत्रीय प्रबंधक एचआरटीसी कार्यालय सोलन में जब इस बारे बात की गई तो बताया कि राजगढ़ में जो बसें चल रही है वह भी घाटे में चल रही है । ऐसी स्थिति में रूट व बसों की संख्या बढ़ाना संभव नहीं है ।