निशेष शर्मा राजगढ़।
राजगढ़ उपमंडल के शाया-छबरोन क्षेत्र से चूड़धार मंदिर तक सुरक्षित एवं व्यवस्थित पैदल मार्ग निर्माण की मांग को लेकर नेरी-कोटली गांव निवासी चम्पा द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे गए पत्र पर संज्ञान लिया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मामले में जिला प्रशासन सिरमौर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।चम्पा ने 15 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर शिरगुल महाराज मंदिर शाया से चूड़धार मंदिर तक सुरक्षित पैदल मार्ग विकसित करने की मांग उठाई थी। पत्र में उन्होंने बताया था कि शाया और आसपास के क्षेत्रों से प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु चूड़धार की यात्रा करते हैं, लेकिन वर्तमान मार्ग पर उचित पगडंडी और दिशा-निर्देशक सुविधाओं का अभाव है।घने जंगलों से होकर गुजरने वाले इस मार्ग में श्रद्धालुओं के रास्ता भटकने का खतरा बना रहता है। पूर्व में मार्ग भटकने की घटनाओं में कुछ लोगों की जान जाने की बात भी सामने आती रही है। ऐसे में सुरक्षित और व्यवस्थित पैदल मार्ग की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देशों के बाद उपायुक्त सिरमौर ने एसडीएम राजगढ़ और तहसीलदार राजगढ़ को मामले की जांच, मौके का निरीक्षण तथा विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को भेजी जानी है, जिसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।स्थानीय लोगों का कहना है कि शाया से चूड़धार तक यदि सुरक्षित पैदल मार्ग का निर्माण होता है तो इससे श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।अब लोगों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री कार्यालय के संज्ञान के बाद चूड़धार जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।