ब्यूरो रिपोर्ट
न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति भूपेश शर्मा की खंडपीठ के समक्ष दो अलग-अलग रिट याचिकाओं पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में दलील दी गई कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट बंद करवाए जा रहे हैं। आरोप लगाया गया कि प्रदेश सरकार के कहने पर मेटा कंपनी ने उनके फेसबुक अकाउंट बंद किए हैं। याचिकाकर्ताओं ने इसे सरकार का तानाशाही रवैया बताते हुए अपने अकाउंट जल्द बहाल करने की मांग की।सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि मेटा कंपनी को जिस पते पर नोटिस भेजा गया था, वहां कंपनी नहीं मिली, जिसके चलते नोटिस की तामील नहीं हो सकी। इस पर अदालत ने याचिकाकर्ताओं को दो दिनों के भीतर मेटा कंपनी का सही पता दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। सही पता मिलने के बाद कंपनी को अगली सुनवाई के लिए नया नोटिस जारी किया जाएगा।अदालत ने सरकार को सोशल मीडिया अकाउंट बहाल करने के संबंध में उचित निर्णय लेने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर निर्धारित की है। अब इस मामले में अगली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।