नाहन ( संध्या कश्यप संवाददाता ),
नाहन शहर में बिजली कट और लो-वोल्टेज की समस्या को हमेशा के लिए खत्म करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। वर्ल्ड बैंक के ₹275 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट के तहत नाहन के बीडीओ कार्यालय में हिमाचल प्रदेश का पहला चलता-फिरता ‘ई-हाउस’ स्थापित कर दिया गया है। करीब ₹2 करोड़ की लागत से बना यह आधुनिक कंटेनर बिना किसी स्थाई सरकारी भवन के एक पूरे सब-स्टेशन की तरह काम करता है, जिसमें 33 KV और 11 KV के हाई-टेक पैनल लगाए गए हैं।
इस ई-हाउस का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यदि कभी कोई एक मुख्य बिजली लाइन खराब या फॉल्ट होती है, तो यह सिस्टम बिना किसी देरी के तुरंत दूसरी लाइन से सप्लाई को चालू कर देगा। इसके अलावा, नाहन शहर में भारी लोड को संभालने के लिए दर्जनों पुराने ट्रांसफार्मरों (DTR) की क्षमता को दोगुना से तिगुना किया जा रहा है और कई नए भारी क्षमता वाले ट्रांसफार्मर भी लगाए जा रहे हैं। शहर की सुरक्षा के लिए 30 किलोमीटर लंबी एलटी केबल और 33 किलोमीटर की हाई-कंडक्टर लाइन बिछाने का काम भी युद्ध स्तर पर जारी है।
विद्युत बोर्ड सिरमौर के अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र शर्मा और स्वस्तिक इंफ्रा लिमिटेड के प्रबंधक हिमांशु पोरवाल ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का काम बहुत तेजी से चल रहा है। नाहन शहर की लाइनों को इस नए ई-हाउस से जोड़ने का काम जुलाई महीने के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके शुरू होते ही मौजूदा ग्रिड और ट्रांसफार्मरों पर से अतिरिक्त लोड हट जाएगा, जिससे ट्रिपिंग की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी और शहर के हजारों उपभोक्ताओं को चौबीसों घंटे बिना किसी रुकावट के बिजली मिल सकेगी।


