ऊना ( अक्की रत्तन,संवाददाता ),
माँ चिंतपूर्णी के दरबार में दान में दी गई गाड़ी को पुलिस वाले इस्तेमाल कर रहे थे तो वही मंदिर ट्रस्ट ने डीसी ऊना को भी एक गाड़ी इस्तेमाल करने को दी थी। लेकिन अंकुर कालिया ने एक जन हित याचिका हाई कोर्ट में दायर की थी कि मंदिर का पैसा मंदिर की वस्तु केवल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए होने चाहिए लेकिन प्रशासन ने इन सब चीज़ों का ग़लत इस्तेमाल किया है जिस पर हाई कोर्ट ने सख़्त रुख़ अपनाते हुए आदेश पारित किया कि डीसी ऊना और पुलिस प्रशासन की दी गई गाड़ी को ज़बत किया जाए। क्यूंकि ये सारी सुविधाएं दान में दी गई है और उनका उपयोग मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए होना चाहिए ना की अफसरशाही के लिए। तो वही पुलिस प्रशासन ने अपनी गाड़ी मंदिर ट्रस्ट को सौंप दी है
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